अनुराग ने कांग्रेस के प्राथमिकी सदस्यता और सेवादल अध्यक्ष पद से दिया स्तीफा, कांग्रेस पर लगाया दोहरे चरित्र का आरोप

बालाघाट. सोमवार को कांग्रेस की तीसरी लिस्ट जारी होने के बाद जिस तरह से बालाघाट एवं वारासिवनी से अप्रत्याशित प्रत्याशियों की घोषणा हुई है, उससे जिले में कांग्रेस में बवाल खड़ा हो गया है. वर्षो से कांग्रेस की सेवा करने वाले प्रमुख दावेदारों को दरकिनार कर अस्तित्व की तलाश कर रहे उम्मीदवारों को प्रत्याशी बनाये जाने से दोनो ही विधानसभाओं में कांग्रेस में तलवारें खींच गई है. कांग्रेस ने वारासिवनी से शिवराजसिंह चौहान के साले संजय मसानी को टिकिट देकर वर्षो से कांग्रेस को क्षेत्र में जिंदा रखे पूर्व विधायक प्रदीप जायसवाल की अनदेखी की गई है. वहीं बालाघाट में युवा चेहरे के रूप में सशक्त दावेदार माने जाने वाले अनुराग चतुरमोहता को टिकिट न देकर कई चुनाव हार चुके विश्वेश्वर भगत को प्रत्याशी बनाया है.  

जिससे बालाघाट में अनुराग समर्थकों में खासी नाराजगी है और स्वयं अनुराग चतुरमोहता इससे व्यथित है. बालाघाट से टिकिट की घोषणा होते ही कांग्रेस के युवा सशक्त दावेदार अनुराग चतुरमोहता ने प्रेस से चर्चा में कांग्रेस की प्राथमिकी और सेवादल के अध्यक्ष पद से स्तीफा देने की घोषणा करते हुए कांग्रेस पर दोहरे चरित्र की पार्टी होने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जिस चेहरे को बालाघाट विधानसभा में उतरा है, उससे साफ है कि कांग्रेस ने मंत्री गौरीशंकर बिसेन से पैठ कर भाजपा को जीताने खुला मैदान दे दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि पूर्व विधायक अशोकसिंह सरस्वार, जिला पंचायत सदस्य राकेश डहरवाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसुदन शर्मा और कांग्रेस प्रवक्ता विशाल बिसेन को टिकिट दे देती तो कांग्रेस बालाघाट से भाजपा को रोकने में कामयाब होती और मुझे कोई मलाल नहीं होता, किन्तु जिस तरह से थके नेता विश्वेश्वर भगत को प्रत्याशी बनाया गया है, उससे कांग्रेस बालाघाट विधानसभा में भाजपा को वॉकओवर देना चाहती है जो कांग्रेस का सच्चा सिपाही कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता.  

युवा नेता अनुराग चतुरमोहता ने कहा कि यह तय है कि वह चुनाव लड़ेंगे और 9 नवंबर को जुलुस के साथ वह नामांकन दाखिल करने जायेंगे. वे बालाघाट विधानसभा की आम जनता, गरीब, शोषित, पीड़ित और किसानों के लिए हमेशा संघर्ष करते रहे है और करते रहेंगे. श्री चतुरमोहता ने कहा कि वह कर्ण नहीं है जो कुंडल और कवच उतारकर दे दे, वह अर्जुन है और वह युद्ध करेंगे. बताया जाता है कि अनुराग के साथ ही कांग्रेस में शामिल युवा समर्थकों की एक बड़ी फौज उनके साथ कांग्रेस से त्यागपत्र देकर बालाघाट विधानसभा में नई क्रांति का आगाज कर सकती है, जो कांग्रेस और भाजपा के लिए तकलीफदेह साबित होगा.  


Web Title : ANURAG SATIFA GIVEN THE CONGRESS FIR MEMBERSHIP AND SEVADAL CHAIRMAN, ACCUSED OF DOUBLE CHARACTER ON CONGRESS