एम शिक्षामित्र ऐप पर अटेंडेस नहीं लगाई तो रूक सकता है वेतन, प्राचार्यो को दिया गया एम शिक्षामित्र ऐप का प्रशिक्षण

बालाघाट. स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति के साथ ही एम शिक्षामित्र में शिक्षकों के लिए उपयोगी फिचर्स को पहुंचाने की मंशा से बनाया गया एम शिक्षामित्र एप, शिक्षकों के लिए अनिवार्य हो गया है, जिसकी जानकारी आज 12 जुलाई को महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय के सभागार में आयोजित जिलास्तरीय प्रशिक्षण में जिले के प्राचार्यो को दी गई.

जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती निर्मला पटले की मुख्य मौजूदगी में पॉवर प्रेजेंटशन के माध्यम से प्रोजेक्ट में दी गई. जिसमें उसकी बारिकियों से प्राचार्यो को अवगत कराया गया. साथ ही प्राचार्यो की जिज्ञासा और सवाल के जवाब से भी संतुष्ट कराया गया. जिसके बाद आगामी 16 जुलाई को विकासखंड स्तर पर प्राचार्य यह जानकारी संकुल स्तर पर देंगे, जिसके बाद शिक्षकों के लिए एम शिक्षामित्र एप, का उपयोग अनिवार्य हो जायेगा. जिसका उपयोग नहीं करने पर शिक्षक का वेतन भी रूक सकता है. इस तरह से कड़ाई से इसका पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती निर्मला पटले ने प्राचार्यो को एम शिक्षामित्र एप, के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दी. इस दौरान महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय प्राचार्य अश्विनी उपाध्याय, उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य राजेन्द्र लटारे, एडीपीसी मोहन बोपचे, कार्यक्रम अधिकारी आरएमएसए कमलनाथ पाराशर, रवि चावला और शमीम सिद्दीकी मौजूद थे.

बसाहट नहीं दिखा रहा ऐप

प्रशिक्षण में शामिल होने आये एक प्राचार्य ने एम शिक्षामित्र में बसाहट नहीं बताये जाने पर सवाल किया. जिस पर प्राचार्यो को आश्वस्त किया गया कि जल्द ही एम. शिक्षामित्र एप, की समस्याओं को दुरूस्त कर लिया जायेगा. हालांकि एम शिक्षामित्र ऐप, के उपयोग का लेकर कई व्यवहारिक और तकनीकि समस्या है, जिससे ठीक करने की चुनौती होगी. बहरहाल एम शिक्षामित्र ऐप, को लेकर आयोजित प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में प्राचार्य उपस्थित थे.  

सर्वेर रहता है बिजी

एम शिक्षामित्र ऐप को लेकर समय पर उपस्थिति दर्ज कराने की अनिवार्यता के चलते एम शिक्षामित्र ऐप, में समय पर उपस्थिति दर्ज कराने जब शिक्षक इसका उपयोग करता है तो अक्सर सर्वेर व्यस्त दिखाई देता है, जो एक बड़ी परेशानी है. इसके अलावा बसाहट नहीं दिखाने, लोकेशन नहीं बताने, लोकेशन को दूर और जल्दी बताये जाने के मामले सामने आये है, जिससे एम शिक्षामित्र ऐप, की विश्वसनियता पर सवाल खड़े किये जा रहे है.

बहुपयोगी है एम शिक्षामित्र

जानकारों की मानें तो अक्सर शिक्षकों को विभागीय जानकारी के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे और अन्य जानकारी की आवश्यकता होती थी. इस जानकारी को ऐप में फिचर्स के रूप में रखा गया है, इसके अलावा समाचार की जानकारी के फिचर्स भी है. जो कई तरह से शिक्षकों के लिए उपयोगी है, अब वह विभागीय अधिकांश जानकारी इससे हासिल कर सकते है.  


इनका कहना है

एम शिक्षामित्र ऐप का उपयोग हर शिक्षकों के लिए अनिवार्य है, जिसकी बारिकियों से अवगत कराने आज प्राचार्यो का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था. जिसमें उन्हें इसका उपयोग करने की जानकारी दी गई है. जो विकासखंड स्तर पर इस जानकारी का शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे. जिसके बाद से एम शिक्षामित्र ऐप का उपयोग करना अनिवार्य हो जायेगा. यदि शिक्षक ऐसा नहीं करेगा तो उसका वेतन रूक जायेगा.  

निर्मला पटले, जिला शिक्षा अधिकारी

Web Title : M SHIKASHAMITAR APP CAN STOP ATTADES PAY, PRINCIPALS THE M SHIKASHAMITAR APP TRAINING