नाबालिग से दुष्कर्म, आरोपी को 10 वर्ष का कारावास

बालाघाट. हट्टा थाना अंतर्गत 3 जुलाई 2015 को कक्षा 10 वीं एडमिशन कराने जा रही नाबालिग छात्रा का अपहरण कर शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी परसवाड़ा निवासी 20 वर्षीय सेवकराम पिता रजलाल सहारे को नाबालिग का अपहरण और जबरदस्ती दुष्कर्म किये जाने के मामले में दोषी पाते हुए बालाघाट न्यायालय के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश वाचस्पति मिश्रा की अदालत ने 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 12 हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित करने का फैसला दिया है. न्यायालय में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी कपिल डहेरिया ने पैरवी की थी.  

गौरतलब हो कि 3 जुलाई 2015 को पीड़िता अपना 10 वीं कक्षा में प्रवेश कराने हट्टा जा रही थी. इस दौरान रास्ते में आरोपी सेवकराम ने उसका अपहरण कर उसे बालाघाट से नागपुर अपने मामा के घर लेकर गया था. जहां आरोपी ने नाबालिग की मर्जी के बिना उसके साथ दुष्कर्म किया. जब नाबालिग घर नहीं लौटी तो इस मामले में परिजनो की शिकायत पर हट्टा पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया था. जिसकी तलाश करने के बाद पुलिस ने 7 जुलाई 2015 को आरोपी के पास से नाबालिग को दस्तयाब किया था. जिसके मेडिकल परीक्षण और बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 363, 366 और 376 (2)(एन) के तहत मामला कायम कर विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया था. जिसमें चल रही सुनवाई के बाद आज 11 जुलाई को माननीय न्यायालय ने आरोपी सेवकराम को दोषी पाते हुए धारा 363 में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रूपये अर्थदंड, धारा 366 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रूपये अर्थदंड एवं धारा 376 (2)(एन) भादवि. में 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड से दंडित करने का फैसला दिया है.


Web Title : MISDEMEANOUR FROM MINOR, ALLEGED IMPRISONMENT OF 10 YEARS