पैगंबर की यौमे पैदाईश का पर्व जश्ने ईद मिलादुन्नबी आज, अमनो, शांति का पैगाम लेकर आये पैगंबर मोहम्मद-असलान रजा कादरी

बालाघाट. आज उर्दू माह रबीउल्लअव्वल की बारह तारीख को मनाये जाने वाला पर्व ईद मिलादुन्नबी आज मनाया जायेगा. धार्मिक मान्यता अनुसार यह पर्व मुस्लिम धर्म के अंतिम पैगंबर हजरत मोहम्मद के यौमे पैदाईश के मौके पर पूरी दुनिया में मनाया जाता है.  

ज्ञात हो कि पैगंबर हजरत मोहम्मद के यौमे पैदाईश 571 ईसवी को मक्का शहर में हुई थी. जो सारी दुनिया के लिए रहमत बनकर आये. जिन्होंने दुनिया में सबसे सच्चा और सबसे अच्छा अमानतदार होने का खिताब पाया. बताया जाता है कि उनकी पैदाईश के दौरान का माहौल बदअमनी, अशांति, भय और आतंक का था. इंसानियत पूरी तरह खत्म हो गई थी. जिन्होंने अपने जीवन से शिक्षा दी कि रब के बंदो का हक मारना, उन पर जुल्म करना, अपराध है, जिसने किसी बेगुनाह का कत्ल किया, समझो उसने सारी इंसानियत का कत्ल कर दिया और किसी ने एक बेगुनाह की जान बचाई, तो उसने सारी इंसानियत को बचा लिया. सच्चा इंसान वहीं है, जो पैगंबर हजरत मोहम्मद की दी गई शिक्षा पर अमल करें. उनकी जिंदगी एक आईना है, जो सारी दुनिया के इंसानों को भय, आतंक, भ्रष्टाचार से निकालकर अमन, शांति और भाईचारे का पैगाम देता है.  

प्रतिवर्ष पैगंबर हजरत मोहम्मद की यौमे पैदाईश पर बनाये जाने वाले मुस्लिम धर्मावलंबियांे के जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व आज पूरे दुनिया सहित जिले में पूरे शानो, शौकत के साथ मनाया जायेगा. बालाघाट नगर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का उत्साह भी देखते ही बनता है. खासकर बैहर रोड में और आसपास के क्षेत्र को दुल्हन की तरह सजाया गया. साथ ही इस अवसर पर मुस्लिम युवाओं द्वारा धार्मिक झांकियां बनाई गई है, जो देखते ही बनती है. साथ ही मस्जिद और मदरसों को भी रंगीन लाईटिंग से सजाया गया है.

जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर चांद के दिदार के दिन से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है. इसी कड़ी में गत दिवस बरेली उत्तरप्रदेश से सुफी धर्मगुरू अरसलान रजा कादरी बालाघाट पहुंचे थे. जहां उनका तकरीरी कार्यक्रम जामा मस्जिद में आयोजित किया गया था. जहां सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए सुफी धर्मगुरू अरसलान रजा कादरी ने कहा कि जश्ने ईद मिलादुन्नबी का पर्व पैगंबर मोहम्मद की यौमे पैदाईश के मौके पर मनाया जाता है, जो पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आये थे. जिन्होंने शांति का अमन और शांति का पैगाम दुनिया को दिया. साथ ही उन्होंने जीवन में हमें जो शिक्षा दी है हमें उसे मानना और आचरण में लाना है. उन्होंने नसीहत की, कि नबी की मोहब्बत ही असल ईमान है. इसलिए सभी अपने जीवन में कोई ऐसा काम न करे, जो नबी की शिक्षा के खिलाफ हो. आज जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर सलातो सलाम पढ़कर अमनो, चैन की दुआये मांगी जायेगी.  

Web Title : THE PROPHET MOHAMMAD ASLAN RAZA QADRI, WHO BROUGHT THE PROPHETS PROPHET BORN FESTIVAL OF THE PROPHET, JASHAN EID MILADUNABI TODAY, AMNO, THE MESSAGE OF PEACE