तीन स्टेट और केन्द्रीय जांच टीम कर रही हार्डकोर नक्सली मुन्ना से पूछताछ

बालाघाट. 10 जुलाई को बालाघाट पुलिस द्वारा तांडा और विस्तार दलम के सक्रिय हार्डकोर नक्सली मुन्नालाल वरकड़े को गिरफ्तार किया गया था. जिस पर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सरकार ने 4 लाख रूपये का ईनाम घोषित किया था. जिसकी गिरफ्तारी नक्सल घटनाओ की जानकारी के लिए बड़े ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसके चलते मध्यप्रदेश की बालाघाट पुलिस के अलावा केन्द्रीय जांच टीम के साथ महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की जांच टीम नक्सली से पूछताछ कर रही है. विगत दो दिनों में सभी जगह के अधिकारियों ने बालाघाट मंे नक्सली मुन्नालाल वरकड़े से अपने राज्य में हुई नक्सली घटनाओं के बारे में पूछताछ की. पुलिस सूत्रों की मानें तो हार्डकोर नक्सली मुन्नालाल वरकड़े से पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है और रिमांड के दौरान पुलिस उससे कई और जानकारी हासिल करने में लगी है.

केन्द्रीय जांच टीम और महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ की जांच एजेंसी ने की पूछताछ

बालाघाट पुलिस ने देवरबेली के छत्तीसगढ़ सीमा से लगे जंगल में नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान भाग रहे हार्डकोर नक्सली मुन्नालाल वरकड़े को पकड़ा था. जो बालाघाट पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है. जिससे पुलिस को नक्सली गतिविधियां से लेकर नक्सली घटनाओ से संबंधित जानकारी मिल सकती है. जिसको देखते हुए पुलिस ने उसे न्यायालय से पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था. इस दौरान केन्द्रीय जांच एजेंसी और महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ राज्य की जांच टीमों ने बालाघाट पहुंचकर नक्सली मुन्नालाल वरकड़े से पूछताछ की.  

मिल सकते है अहम जानकारी

सूत्रों की मानें तो हार्डकोर नक्सली मुन्नालाल वरकड़े की गिरफ्तारी पुलिस के एक बड़ी कामयाबी और नक्सलियों के लिए खतरनाक है चूंकि मुन्नालाल वरकड़े तांडा दलम और विस्तार दलम में सक्रिय नक्सली के रूप में विगत 17 वर्षाे से कार्य कर रहा है. जिससे वह नक्सलियों की काफी जानकारी रखता है. चूंकि बालाघाट पुलिस यह स्वीकार करती है कि बालाघाट मंे नक्सली कैंप कर रहे है, जो नाबालिगों को बरगलाकर नक्सली गतिविधियों में शामिल कर रहे है. हालांकि बालाघाट से ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है किन्तु छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे जंगलो में कैंप कर रहे नक्सलियों के साथ मुन्नालाल वरकड़े भी था, जिससे क्या नक्सलियों की जिले में नाबालिगों को नक्सली गतिविधियों में भर्ती करने की कोई योजना तो नहीं है? छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में क्या नक्सली गतिविधियों में नाबालिगांे को भर्ती किया गया है? इसके अलावा नक्सलियों के मंसुबे क्या है? भविष्य में नक्सलियो की प्लानिंग क्या है? ऐसे कई सवाल है, जिसकी जानकारी पुलिस के लिए नक्सली विरोधी अभियान में फायदेमंद हो सकती है. जिसको लेकर मुन्नालाल वरकड़े से जांच टीमें पूछताछ में जुटी हुई है.


इनका कहना है

जांच टीमे मुन्नालाल वरकड़े से पूछताछ कर रही है. नक्सली रिमांड पर है और हमारा प्रयास होगा कि इन दिनों में मुन्नालाल वरकड़े से ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटा सकें. पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है, जिसके बारे में जानकारी दी जायेगी.

संदेश जैन, एडीएसपी, नक्सल सेल


Web Title : THREE STAT AND CENTRAL INVESTIGATION TEAM DOING HARDCORE NAKASALI QUESTIONING FROM TOT