आखिर कब होगा डाबरी, चौरिया, घोटी, लांजी सड़क मार्ग का कार्य पूरा?, ढाई साल में सिर्फ पुल-पुलिया बने, सड़के अब भी अधूरी, सडको के अभाव में नक्सल क्षेत्र का विकास जख्मी

बालाघाट. जिले के नक्सलवाद से ग्रस्त क्षेत्र में आवागमन की दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सडक डाबरी से चौरिया, चिलोरा, घोटी,लांजी दूरी लगभग 36 किमी. का निर्माण कार्य अभी भी पूरा नही हो पाया है. जबकि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक के अधिकारियो ने निर्माण कार्य करवा रहें ठेकेदार को मार्च 2020 तक मोहलत प्रदान की थी. किंतु लॉकडाउन के बहाने की वजह से उसे पुनरू दिसम्बर 2020 तक मोहलत प्रदान कर दी गई है. हालाकि उसकी धीमी गति का कार्य और निष्क्रियता के चलते विभागीय अधिकारियो ने कई बार उसका ठेका निरस्त कर दिया था. किंतु उच्च स्तरीय एप्रोच की वजह से वह मोहलत प्राप्त करने में सफल हो रहा है.  

उल्लेखनीय है कि करीब 37 किलोमीटर के इस मार्ग पर पडने वाले सभी पुल पुलियो का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है जिनमें डाबरी के देवनदी पर पुल, सोंधनडोंगरी के समीप उसी नदी प निर्माणाधीन ब्रिज और ग्राम पितकोना और चिलोरा के समीप तीन नालो पर निर्माणाधीन पुल बनकर तैयार हो गया है. किंतु सडक का निर्माण अधूरा तो वही पुल-पुलियो के कार्य पूर्ण होने पर कार्य पूर्णतरू अधूरा ही साबित हो रहा है. इस मार्ग की लागत लगभग 37 करोड रूपये है. जिसका कार्य आदेश ठेकेदार को 28 फरवरी 2018 को प्राप्त हो चुका था और उसी समय से उसने निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया था.  

ज्ञात रहे कि पूर्व केबिनेट मंत्री स्वर्गीय गणपत सिंह उइके के अथक प्रयासो से उकवा से बिठली, बिठली से सोनगुड्डा,सोनगुड्डा से डाबरी, दडकसा और डाबरी से चौरिया होकर घोटी लांजी तक तात्कालीन कांग्रेस सरकार ने स्वीकृति प्रदान की थी. जिसमें वर्ष 2005-06 में उकवा से बिठली और बिठली से सोनगुड्डा तक निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक योजना के द्वारा राष्टकृीय समविकास योजना की राशि से निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया था. वर्ष 2009-10 में सोनगुड्डा से डाबरी और दडकसा तक तात्कालीन केंद्र सरकार के द्वारा बनाई गई आईएपी योजना से सडक और पुल पुलियो का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया. जिससे उस क्षेत्र के दर्जनो गांव के लोगो को डाबरी और दडकसा तक आवागमन की सुविधा प्राप्त हुई. किंतु डाबरी से चौरिया और चिलोरा,घोटी सडक का निर्माण कार्य कराना एक चुनौती पूर्ण कार्य था. उसी दौरान वर्ष 2009-10 में घोटी से पौसेरा, चिलौरा, चौरिया, पितकोना डाबरी तक का निर्माण कार्य का ठेका जुनेजा एंड कम्पनी के द्वारा लिया गया. मगर नक्सलियो की धमकी की वजह से उसने चौरिया तक मात्र छोटे छोट पुल पुलियो का ही कार्य करवा पाया और उसके मशनीरी जला दी गई. जिसकी वजह से वह काम छोडकर चला गया. उस समय विभाग का करीब 2 करोड रूपया खर्च भी हो चुका था. तब से चुनौती पुर्ण उक्त मार्ग का ठेका किसी भी ठेकेदार के द्वारा लिया नही जा रहा था. अंततरू राज्य शासन ने जिले के नक्सलवाद से ग्रसित घोटी से चौरिया-डाबरी, देवरबेली से मलकुंआ-कोरका, जालदा से माडी और सोनगुड्डा से कुर्रेझोडी,बोदरा से चुनापथरा एवं मछुरदा से उसरीकोमो मार्ग की निविदा जारी की गई. जिसमें संजय अग्रवाल रायपुर के द्वारा घोटी से चौरिया-डाबरी, देवरबेली से मलकुंआ-कोरका, जालदा से माडी और सोनगुड्डा से कुर्रेझोडी 04 मार्गो का टेंडर संजय अग्रवाल (रायपुर) को शर्तो के आधार पर विभाग ने दिया. किंतु खेदजनक बात यह है कि ढाई साल से अधिक का समय हो गया अभी तक उसके द्वारा ली गई चारो कामो से कोई भी निर्माण कार्य पूरा नही हो पाया है. जिसकी वजह से क्षेत्रिय ग्रामीण काफी आक्रोशित है.  


इनका कहना है

ढाई साल से डाबरी, चौरिया, पितकोना, घोटी, लांजी का निर्माण कार्य ठेकेदार के द्वारा करवाया जा रहा है, किंतु अभी तक पूर्ण नही हुआ है. जबकि हम ग्रामीणो के द्वारा निर्माण कार्य करवाने वाले ठेकेदार को हर तरह की सुविधायें दी जा रही है. बावजूद इसके कार्य नही कर रहे है जिससे हम लोगो का मनोबल टूट गया है. यदि सडक का कार्य पूर्ण हो जाता तो उनके क्षेत्र के करीब 40 से 50 गांव मुख्यधारा से जुडेंगे और बच्चे भी अपने अपने साधनो से शिक्षा प्राप्त कर सकते है.  

सुमरत परते, निवासी पितकोना


Web Title : WHEN WILL IT BE, THE WORK OF DABRI, CHOURIA, GHOTI, LANJI ROAD COMPLETED?, IN TWO AND A HALF YEARS ONLY BRIDGES CULA, ROADS STILL INCOMPLETE, DEVELOPMENT OF NAXAL AREA INJURED IN ABSENCE OF ROADS