बांग्लाभाषी 21 फरवरी की शाम में शहीदों की याद में घर में दीपक जलाकर बजायेंगे शंख

धनबाद. बंगाली वेलफेयर सोसाइटी के द्वारा हीरापुर दुर्गा मंदिर में आज एक प्रेस वार्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया. सदस्यों ने अपील करते हुए कहा कि 21 फरवरी को बांग्लाभाषी शहीदों की श्रद्धा अर्पित करने के लिए अपने घरों के छत आंगन तथा बालकोनी में शाम 6:30 से 7:00 के अंदर दीपक जलाएं तथा शंख बजाकर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करें. उसी दिन संध्या 7:00 बजे से हीरापुर स्थित अग्रसेन धर्मशाला में बांग्ला भाषा को लेकर एक संगोष्ठी की आयोजन की जाएगी

वक्ताओं द्वारा बताया गया 1952 में पूर्व पाकिस्तान में भाषा को लेकर विवाद हुआ था जिसमें बांग्ला भाषा को रक्षा करने के लिए बहुत लोगों अपनी जान की कुर्बानी दी तब जाकर बांग्ला भाषा को और पाकिस्तान में प्राथमिकता मर्यादा मिला.

इसके पश्चात तत्कालीन पूर्व पाकिस्तान के सरकार को 1953 से 21 फरवरी को भाषा दिवस के रूप में मनाया जाता रहा 1999 क यूनेस्को ने 21 फरवरी को अंतरजातिक मातृभाषा दिवस के रूप में घोषणा किया

Web Title : BENGALI SPEAKING CONCH TO BE BURNT IN HOUSE IN REMEMBRANCE OF MARTYRS IN THE EVENING OF FEBRUARY 21

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