मेयर को बेवकूफ कहने की बात से मुकरे सांसद पीएन सिंह, कहा निगम की वस्तु स्थिति पर दिया था मिडिया में इंटरव्यू

धनबाद :  सांसद पीएन सिंह मेयर चंद्र शेखर अग्रवाल को बेवकूफ कहने की बात से मुकर गए है. उन्होंने कहा कि मीडिया ने उनकी बातों को तोड़ मडोड कर प्रस्तुत किया है.

बेवकूफ शब्द अमर्यादित, अशोभनीय है. ऐसे शब्द का प्रयोग एक मेयर के लिए वे कदापि नहीं कर सकते है. उन्होंने कहा पिछले दिनों रांची में 20 सूत्री की बैठक आहूत की गयी थी.

बैठक के बिंदुओं पर एक दैनिक अख़बार को दिए इंटरव्यू में गया पुल चौड़ी करण के साथ साथ जिले में फ्लाईओवर के प्रस्ताव पर वस्तु स्थिति को स्पष्ट किया था. इससे ज्यादा कुछ भी नहीं है.

मिडीया में बयान बदलकर आया. गुरुवार को सांसद पीएन सिंह ने मिडिया में यह बयान तब दिया जब बेवकूफ कहे जाने पर मेयर ने अप्पति जाहिर की थी.

गुरुवार को मेयर चंद्र शेखर अग्रवाल ने प्रेस वार्ता का आयोजन कर सांसद के द्वारा उन्हें बेवकूफ कहे जाने पर रोष व्यक्त किया.   दरअसल दो दिन पूर्व मेयर ने एक दैनिक अखबार में पढ़ा था कि सांसद ने उन्हें एक मामले में बेवकूफ करार दिया है.

खबर पढ़कर गुरुवार को उन्होंने मीडिया के माध्यम से सांसद तक अपनी यह बात पहुचाने का प्रयास किया कि प्रोटोकॉल में मेयर का स्थान एक सांसद से ऊंचा होता है.

सांसद जैसे ओहदे पर बैठकर पीएन सिंह के द्वारा एक मेयर को बेवकूफ कहना घोर निंदा का विषय है.

पार्क से ज्यादा जरुरी सड़क का निर्माण है : 

सांसद ने अपना बचाव करते हुए कहा कि ट्रेफ़िक व्यवस्था के सुदृढ़ करने में गया पुल का दोहरीकरण का राज्य स्तरीय मुद्दा उठाया है. सरकार के तरफ से यह जवाब आया है कि मेयर के द्वारा सरकार को यह बतलाया गया है कि मटकुरिया से आरा मोड़ तक फ्लाई ओवर बनाने के मसले पर निगम काम कर रही है. दूसरी तरफ बैंक मोड़ के जाम से निजात के लिए समझता हूं कि झरिया पुल से जोडफाटक में रोड का निर्माण आवश्यक है. अब  सरकार के द्वारा यह बताया गया है कि निगम ने वहाँ पार्क निर्माण के लिए रेलवे से करार कर लिया है जबकि पार्क से ज्यादा सड़क की आवश्यक्ता है. मिडिया को दिए बयान में केवल वस्तु स्थिति बतलायी है.  

दिशा की बैठक में निगम के पदाधिकारी जवाब देने में थे अक्षम

उन्होंने कहा कि दिशा की बैठक में उन्होंने अपने सांसद होने के अधिकारों का ही इस्तेमाल किया था. पीएम आवास को लेकर निगम की प्रगति पर रिपोर्ट मांगी थी. कितने लाभुको को योजना का लाभ मिला कितने लाभ से वंचित है. वंचित रहने के कारण की जानकारी मांगी थी. बैठक में उपस्थित अपर नगर आयुक्त सवालों के जवाब देने में अक्षम शाबित हुए थे. आवास योजना की समस्या का समाधान तभी मुमकिन है जब उसकी पूरी वस्तु स्थिति स्पष्ट होगी. अभी 78 हजार लाभुक के द्वारा आवेदन प्राप्त हुआ है जिन्हें इसका लाभ देना है. राशि की उपलब्धता नहीं है. इसके लिए सरकार से अनुसंशा करनी होगी. यह तभी हो पायेगा जब निगम पूरी स्थिति स्पष्ठ करेगी.  

सांसद टिकट का फैसला जनता के हाथ में 

उन्होंने कहा कि मेयर सांसद के बीच के बयानों को मीडिया के द्वारा सांसद के टिकट के नजरिये से देखा जाना उचित नहीं है. नरेंद्र मोदी व्यक्ति विशेष पर किसी को टिकट नहीं देंगे. इसका फैसला जनता के हाथ में है. पार्टी सर्वे के आधार पर यह तय करती है. सर्वे में यह स्पष्ट होगा की जनता किन्हें पसंद करती है. उसी आधार पर टिकट मिलेगा और मिलता भी है. पीएन सिंह यह सोच ले की पार्टी उन्हें ही टिकट देगी यह मेरी भी भूल होगी.

Web Title : MUKRE MP PNS SINGH, WHO ASKED THE MAYOR TO SAY, WAS GIVEN AN INTERVIEW IN THE MEDIA ON THE COMMODITY STATUS OF THE CORPORATION

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