गांधी सेवा सदन प्रांगण से पकड़ाये, एशिया के सबसे जहरीले सांपो में सुमार रसल वाइपर के 21 बच्चे

धनबाद :  गांधी सेवा सदन के झाड़ियों से गुरुवार को स्नैक केचर बापी दा उनकी टीम ने जहरीले सांपो में सुमार रसल वाइपर के 21 बच्चे पकडे. टीम ने पकडे गये सांप के बच्चो को वन विभाग के सुपुर्द कर दिया है.

गांधी सेवा सदन प्रांगण से सांप के 21 बच्चे मिलने की खबर पाकर लोगो की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. बच्चे, महिलाएं उत्साह वश सांपो को देखने पहुच गये.

सभी बच्चे पेड़ के खोल से पाये गये. स्नैक केचर एक्सपर्ट बापी दा के मुताबिक रसल वाइपर के काटने से उसका जहर तेजी से फैलता है.

समय पर एंटी वेक्सीन नहीं मिल पाने पर पीड़ित व्यक्ति का शरीर गलने लगता है तथा चंद समय में मरीज की मौत हो जाती है. 98 देखा गया है कि इस सांप के काटने से 98 प्रतिशत मरीज की मौत हो जाती है.

रसल वाइपर जम्मू कश्मीर को छोड़ भारत के लगभग सभी राज्यो में पाया जाने वाला प्रजाति है. एशिया का सबसे जहरीला सांप माना जाता है.

रसल वाइपर की यह विशेषता है कि वह एक बार में 25 से लेकर 104 बच्चे को जन्म देता है. सांप की लंबाई पर यह निर्भर करता है. यह 5 फीट तक का हो सकता है.

हाल के दिनों में पुणे के एक पार्क में इसी तरह से रसल वाइपर ने 104 बच्चो को जन्म दिया था.

धनबाद में भी पिछले दिनों विशनपुर में रसल वाइपर पकड़ा गया था. झारखंण्ड में रसल वाइपर को चेहेर चंदा भी बुलाया जाता है.

Web Title : PAKADAE FROM THE GANDHI SERVICE HOUSE POLLINATOR, 21 CHILDREN OF SUMAR RUSSELL WIPER IN ASIAS MOST TOXIC SNAKES

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