प्रेगनेंसी में सिर्फ एक विटामिन का प्रयोग करने से कभी नहीं होगी कोई समस्या

अब आप यह सोच रही होंगी कि गर्भावस्था के समय सिर्फ एक विटामिन की जरूरत नहीं होती है बल्कि बच्चे के स्वस्थ विकास के लिए सारे विटामिन की जरूरत होती है. तो यह बात बिल्कुल सच है लेकिन, आज जिस विटामिन की बात हम करने जा रहे हैं वह प्रेगनेंसी का सुपरहीरो माना जाता है, और वह है फॉलिक एसिड. क्योंकि, यह आपके गर्भवस्था की जटिलताओं को कम करने का काम बहुत ही अच्छे से करता है. अब आप कुछ भी जानने से पहले यह जरूर जाने कि यह क्या है और कैसे काम करता है.
फोलिक एसिड क्या है ?
फोलिक एसिड विटामिन बी से बना होता है जिसे फोलेट के नाम से भी जानते हैं. फॉलेट लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो आपके शिशु के न्यूरल ट्यूब जो कि मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में सहायता करता है.
इसका सेवन कब और कितनी मात्रा में करें ?
वह महिलाएं जो गर्भधारण की कोशिश कर रही हैं या फिर गर्भावस्था के दौरान 400 माइक्रोग्राम (एमसीजी) फोलिक एसिड का सेवन किया जाना चाहिए. यानि कि गर्भवती महिला को इसका सेवन गर्भावस्था के बिल्कुल शुरूआती तौर पर करना चाहिए. क्योंकि, बच्चों में जन्म दोष की समस्या गर्भावस्था के पहले 3 से 4 हफ्ते के भीतर होती है. इसलिए, गर्भावस्था के प्रारंभिक अवस्था में खासकर बच्चे के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास के दौरान आपके बॉडी में फोलेट का होना बहुत महत्वपूर्ण है. हालाँकि, गर्भावस्था के संदर्भ में प्रत्येक दिन आपको इतने फोलिक एसिड लेने की सलाह डॉक्टर दे सकते हैं-
जब आप गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहे हैं: 400 एमसीजी
गर्भावस्था के पहले तीन महीनों के लिए: 400 एमसीजी
गर्भावस्था के चार से नौ महीने तक: 600 एमसीजी
स्तनपान के दौरान: 500 एमसीजी
फोलिक एसिड के सेवन से किन जोखिम से बचा जा सकता है ?
समय से पहले शिशु के जन्म
जन्म के वक़्त, शिशु का कम वजन होना
गर्भपात
गर्भ में खराब वृद्धि
गर्भावस्था की जटिलताओं से छुटकारा
दिल की बीमारी
स्टॉक
कुछ प्रकार के कैंसर
अल्जाइमर रोग आदि जैसी समस्या का खतरा इसके सेवन से नहीं रहता है.
फोलिक एसिड के अच्छे खाद्य स्रोत क्या हैं ?
गर्भावस्था के लिए आप निचे दिए गए खाद्य-पदार्थों को अपने आहार में शामिल कर के इसकी पूर्ति अपने शरीर में कर सकती हैं, जो निचे दिए जा रहे हैं-
ब्रोकली
ब्रोकली जो कि हरी गोभी होती है इसमें फोलिक एसिड की प्रचूर मात्रा पाई जाती है. यह आसानी से बाजार में उपलब्ध होते हैं, ऐसे में आप रोजाना इसका सेवन करें. क्योंकि इसमें फोलेट के अलावा, आयरन, विटामिन बी6, और विटामिन भी भरपूर मात्रा में होती है.
दाल और साबुत अनाज
दाल और साबुत अनाज में फोलिक एसिड की बहुत अधिक मात्रा पाई जाती है. इसके अलावा, यह आयरन, प्रोटीन और फाइबर का भी अच्छा स्रोत होता है, इसलिए आप इसका सेवन रोजाना 179 एमसीजी यानि कि 1/2 कप के रूप में करें.
पालक
हरी पत्तेदार सब्जियों में पालक का नाम सबसे पहले लिया जाता है क्योंकि, इसमें फोलेट और कैल्शियम की प्रचूर मात्रा होती है. इसलिए, रोजाना 115 एमसीजी यानि कि 1/2 कप पालक का सेवन रोजाना करें. आप चाहें तो इसे दाल में मिलाकर भी इसका सेवन कर सकती हैं.
अखरोट
इसमें भी, ओमेगा 3 फैटी एसिड, आयरन, फोलेट और विटामिन ई पाया जाता है. इसलिए इस दौरान इसका भी सेवन किया जाना चाहिए.
बीन्स
बीन्स भी फॉलिक एसिड, आयरन और ओमेगा 3 का अच्छा स्त्रोत माना जाता है. ऐसे में आप 90 एमसीजी यानि कि 1/2 कप रोजाना इसका सेवन करें. आप इसका सूप भी बना सकती हैं या फिर बरीक कटा शिमला मिर्च, कटे टमाटर और प्याज को डालकर भी स्वादिष्ट तरीके से खा सकती हैं
सोया
सोया में न केवल फोलिक एसिड की प्रचूर मात्रा होती है बल्कि इसमें आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन भी पाया जाता है. आप इसे रोजाना अपने आहार में शामिल करें.
Web Title : USING JUST ONE VITAMINS DURING PREGNANCY CAN SAVE YOU FROM MANY PROBLEM