कैसे और कितनी मात्रा में करें सैनिटाइज़र का इस्तेमाल, जानें क्या कहते हैं डॉक्टर्स

कोरोना वायरस का संक्रमण दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है. लोग जानते हैं कि इसे साफ-सफाई से ही हराया जा सकता है. इसलिए हाल के दिनों में सैनिटाइजर की खपत काफी बढ़ गई है. लोग धड़ल्ले से इसका प्रयोग कर रहे हैं. बिना यह जाने कि इसका आपके स्वास्थ्य पर क्या असर होगा? लोगों को यह तक पता नहीं है कि सैनिटाइजर के प्रयोग का सही तरीका क्या है.  

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पूर्व सचिव, इंफेक्शन एक्सपर्ट और दिल्ली मेडिकल काउंसिल की साइंटिफिक कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर नरेंद्र सैनी बताते हैं कि लोगों को अभी यह नहीं पता है कि सैनिटाइजर इस्तेमाल करने या खरीदने को लेकर WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की सही गाइडलाइन क्या है?

डॉक्टर सैनी के मुताबिक साबुन और पानी से हाथ धोना सबसे अच्छा अभ्यास है. अगर आपके आस-पास साफ पानी मौजूद है तो फिर सैनिटाइजर के प्रयोग से बेहतर होगा कि आप अपने हाथों को साफ पानी से धोएं. सैनिटाइजर का प्रयोग तभी करें, जब ऐसा कर पाना मुमकिन ना हो.  

ज्यादातर लोग सैनिटाइजर हाथ में लेते हैं और 2-3 सेकेंड मल कर समझते हैं कि हाथ साफ हो गया. जबकि यह सही सोच नहीं है. सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते हुए इसे कम से कम 10-12 सेकेंड तक अपने हाथों पर मलें. आपके हाथों के गस्से-गस्से तक सैनिटाइजर पहुंचना चाहिए, तभी यह वायरस को हटाने में प्रभावी हो सकता है. जैसा कि WHO की गाइडलाइन भी कहती है कि हथेलियों को आपस में रगड़ें. दोनों हाथों की उंगलियों को जोड़कर मलें. अंगूठों को अच्छे से हल्के-हल्के रगड़ना न भूलें.

उन्होंने सैनिटाइजर की मात्रा को लेकर कहा कि मटर के दाने जितना इस्तेमाल करने से कुछ नहीं होगा. क्योंकि लोगों के हाथों के आकार अलग-अलग होते हैं. इसलिए सही तरीका है कि सैनिटाइजर चुल्लू भर होना चाहिए. मात्रा में कहें तो 5 एमएल से ज्यादा. इसके साथ ही सैनिटाइजर इस्तेमाल करते हुए आपके हाथ दिखने में साफ सुथरे होने चाहिए. ऐसा नहीं कि आपके हाथ में पेंट या मिट्टी लगी है और आपने 5 एमएल सैनिटाइजर इस्तेमाल कर सबकुछ साफ कर लिया.

डॉक्टर सैनी ने कहा कि सैनिटाइजर खरीदते हुए यह सुनिश्चित करें कि उसमें 60-70 प्रतिशत एल्कोहल की मात्रा हो. वो भी ईथाइल या आइसोप्रोपाइल एल्कोहल होना चाहिए. इससे ज्यादा मात्रा भी ठीक नहीं है. सैनिटाइजर लगे हाथों से खाना खतरनाक हो सकता है. क्योंकि उसमें भारी मात्रा में एल्कोहल होता है, जो आपकी किडनी, लीवर और दिल को प्रभावित कर सकता है. सैनिटाइजर लगाने के 20 सेकेंड बाद ही खाना शुरू करें. इतनी देर में वो भाप बन जाता है.

सैनिटाइजर कितने देर तक प्रभावी होता है? इस सवाल के जवाब में डॉक्टर सैनी ने कहा कि सैनिटाइजर लगाने तक. यानी कि जब आपने सैनिटाइजर से हाथ साफ किया तभी तक के विषाणु खत्म होते हैं. इस्तेमाल के 20 सेकेंड बाद अगर आपने फिर कोई सामान छुआ है तो आपको फिर से हाथ साफ करना होगा. उन्होंने बताया कि बार-बार सैनिटाइजर का प्रयोग करना भी ठीक नहीं है. इसलिए कोशिश ज्यादा से ज्यादा बार हाथ धोने की होनी चाहिए.

क्या एल्कोहल पीने वालों में कोरोना का डर कम होता है? इस सवाल के जवाब में डॉक्टर सैनी ने कहा कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है. क्योंकि विषाणु जब आपके शरीर में घुसता है तो वो नली के अंदर बैठा नहीं रहता है. वो कोशिका के अंदर घुस जाता है. दूसरी बात पीने वाले एल्कोहल में उसकी मात्रा विषाणु को खत्म करने के लिहाज से बहुत कम होती है. क्योंकि अगर आपके शरीर में एल्कोहल की मात्रा बहुत ज्यादा होगी तो फिर हार्ट या किडनी फेल्योर हो सकता है. इसलिए लोगों के बीच में शराब को लेकर बहुत बड़ी गलतफहमी है.

सैनिटाइजर इस्तेमाल करते हुए इन दस बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी

1. सैनिटाइजर का इस्तेमाल साफ दिखने वाले हाथों में ही करें.

2. सैनिटाइजर में 60-70 प्रतिशत ईथाइल या आइसोप्रोपाइल एल्कोहल हो.

3. हाथ साफ करते हुए WHO की गाइडलाइन को ध्यान में रखें.

4. 15-20 सेकेंड तक हाथ को रगड़े, सभी हिस्से तक यह पहुंचना चाहिए.

5. हैंड सैनिटाइजर को प्राथमिकता बिल्कुल ना बनाएं.

6. साफ पानी से हाथ धोने के बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल ना करें.

7. सैनिटाइजर की मात्रा का ख्याल रखें.

8. अपने मुंह पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल ना करें

9. सैनिटाइजर का इस्तेमाल उन्हीं जगहों पर करें, जहां हाथ धोने की व्यवस्था ना हो.

10. साबुन-पानी से हाथ धोना ज्यादा प्रभावी है, इसलिए जरूरत के हिसाब से ही सैनिटाइजर का प्रयोग करें.




Web Title : HOW AND HOW MUCH TO USE SANITIZER, LEARN WHAT DOCTORS SAY

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