डॉक्टर के घर हुई डकैती कांड में एसआईटी गठित,अपराधियों की गिरफ्तारी और राशि बरामद करने का निर्देश

मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर के  कांटी में डॉक्टर रणधीर के घर हुई डकैती की जांच के लिए एसएसपी हरप्रीत कौर ने स्पेशल टीम (एसआईटी) गठित की है. इसका नेतृत्व डीएसपी पश्चिमी कृष्ण मुरारी प्रसाद करेंगे. टीम को हर-हाल में अपराधियों की गिरफ्तारी व लूटी गई राशि को बरामद करने का निर्देश दिया गया है. बताया जाता है कि एसआईटी ने अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है. इसके लिए पुराने व हिस्ट्रीशीटर डकैतों की सूची खंगाली जा रही है. बताया जाता है कि पुलिस को आशंका है कि हाल के दिनों में जेल से छूटे डकैतों ने वारदात को अंजाम दिया है.  

डॉक्टर ने  बताया रात करीब सवा एक बज रहा होगा. मैं अपने क्वार्टर में मोबाइल पर फिल्म देख रहा था. क्वार्टर का गेट खुला हुआ था. इस बीच 8-10 की संख्या में आए लोग क्वार्टर में घुस गए. अंदर आते ही एक ने मेरे सिर पर गन सटा दी. बेड पर बिछे चादर को फाड़कर मेरे हाथ-पैर बांध दिए. इस बीच उसने शोर मचाया तो बगल के कमरे में सो रहा कंपाउंडर राहुल कुमार जग गए. अपराधियों ने उसे भी गन प्वाइंट पर ले लिया. उसके हाथ-पैर भी कपड़े से बांध दिए और दोनों को एक कमरे में बंदकर दिया. उनका मोबाइल भी छीन लिया. उन दोनों पर नजर रखने के लिए एक अपराधी को छोड़ अन्य घर में घुसे.

यह बातें डकैती के घटना की जांच पड़ताल करने घटनास्थल पर पहुंचे डीएसपी पश्चिमी कृष्ण मुरारी प्रसाद से डॉ. रणधीर कुमार के रसोइया अरुण कुमार उर्फ अरविंद कुमार ने कहीं. घटना से वह काफी डरा हुआ था. रसोइया ने पुलिस को बताया कि अपराधी सीढ़ी की मदद से 10 फीट ऊंची चहारदीवारी को फांद कर कैंपस में आए. इससे पहले उनलोगों ने चहारदीवारी पर लगे कंटीले तार को भी काटा. अंदर आते ही अपराधियों ने उनदोनों को कब्जे में लिया. फिर घर के पीछे वाले दरवाजे के लॉक को तोड़ घर में प्रवेश किया. इसके बाद घर में क्या हुआ उसे नहीं मालूम.
रसोइया ने बताया कि करीब सवा तीन बजे के बाद अपराधी घर से निकले. इसके बाद मैडम (डॉ. शुभेच्छा शाह) ने मोबाइल से परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही डॉ. रणधीर के बड़े भाई पूर्व मुखिया सुधीर कुमार व अन्य परिजन नरसंडा स्थित आवास पहुंचे. सभी को मुक्त करा उन्होंने सुबह करीब सवा चार बजे डॉक्टर को अस्पताल में भर्ती कराया गया. मालूम हो कि, रसोइया का क्वार्टर आवासीय परिसर में ही है.

डॉ. रणधीर कुमार के घर में 45 लाख रुपये होने की जानकारी से पुलिस चौंक गई

 एसएसपी, डीएसपी पश्चिमी और कांटी थानेदार ने बारी-बारी से इस संबंध में डॉक्टर की पत्नी से जानकारी ली. उन्होंने पुलिस को बताया कि कांटी इलाके में ही एक प्रॉपर्टी खरीदनी थी. प्रॉपर्टी बेचने वाले को नकद राशि की जरूरत थी. इस कारण घर में 45 लाख रुपये रखे थे. बताया कि प्रॉपर्टी बेचने वाला भी कांटी इलाके का ही है. साथ ही यह भी बताया कि वारदात के दौरान अपराधी उनसे घर में रखे दो करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे.
सूत्रों की माने तो प्रॉपर्टी की डिलिंग हो चुकी थी. दो से तीन दिनों में पेमेंट करना था. इसकी जानकारी डिलिंग में शामिल लोगों के अलावा कुछ अन्य को थी. यही नहीं, वारदात में शामिल अपराधियों को घर के कोने-कोने की जानकारी थी. वे जानते थे कि किस लॉकर में रुपये व किसमें जेवर रखे हुए हैं. चर्चा यह भी रही कि कुछ माह पहले अपराधियों ने डॉ. रणधीर से दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांग थी. लेकिन, इसकी शिकायत कहीं दर्ज नहीं कराई गई थी. बताया जाता है कि अपराधी डॉक्टर के अस्पताल के सभी कर्मचारियों को नाम से पुकार रहे थे. साथ ही उन्हें खोज भी रहे थे. इससे पुलिस को आशंका है कि इस पूरे प्रकरण में डॉक्टर से जुड़े किसी व्यक्ति ने लाइनर की भूमिका निभाई है. पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारियों की भी जानकारी ली. साथ ही इसकी जांच वैज्ञानिक तरीके से शुरू कर दी है.   मामले की छानबीन करने पहुंची पुलिस टीम को डॉ. रणधीर की पत्नी डॉ. शुभेच्छा ने बताया कि पीछे वाले गेट को तोड़ने की आवाज से उनकी नींद खुली. सीसीटीवी से देखा तो पाया कि दो अनजान लोग गेट तोड़ रहे हैं. इसपर डॉ. रणधीर ने अपनी पिस्टल तान ली और दरवाजे को अपने साइड से धक्का दिए रखा. लेकिन, अपराधियों की संख्या अधिक होने के कारण दरवाजा खुल गया और वे लोग अंदर घुस आए. घुसते ही डॉ. रणधीर ने एक अपराधी को दबोच लिया. इस बीच अन्य अपराधियों ने उनकी बेटी को गन प्वाइंट पर ले लिया.
बेटी के बंधक बनते ही डॉ. रणधीर कमजोर पर गए और उन्होंने अपराधी को छोड़ दिया. इसके बाद अपराधियों ने उनकी पिस्टल छीन ली. डॉ. शुभेच्छा ने बताया कि सीसीटीवी में सिर्फ दो अपराधी दिख रहे थे. लेकिन, जैसे की दरवाजा खुला दनादन करीब 9 से 10 की संख्या में नकाब पोश अपराधी घर में घुस आए. कुछ के हाथ में आर्म्स, चाकू और धारदार औजार थे. इससे वे लोग सहम गए. बताया कि दरवाजा खुलने से पहले उन्होंने करीब आधे घंटे तक डकैतों को अंदर आने से रोका रखा. इस दौरान वे लोग कमरे से चिल्लाते भी रहे. लेकिन, रसाइया व कंपाउंडर के बंधक बने होने के कारण वे मदद को नहीं आ सके. इधर जदयू के वरीय नेता अखिलेश सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता ठाकुर धर्मेंद्र ने घटना की निंदा करते हुए अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है.

Web Title : DOCTOR CONSTITUTES SIT IN HOME ROBBERY SCANDAL, ARREST OF PERPETRATORS AND AMOUNT RECOVERED