शेल्टर होम कांड मामले में सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर उछाल रहे हैं कीचड़

पटना: मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम कांड के बाद राजनीतिक दलों में एक दूसरे के खिलाफ कीचड़ उछालने की होड़ मच गई है. इसमें मर्यादा की सीमाएं भी लांघी जा रही है. अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कोई दल इस मामले में पीछे रहने को तैयार नहीं है.

तेजस्‍वी ने की मंजू वर्मा व नीतीश कुमार के इस्‍तीफे की मांग मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर और आठ अन्य अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर 3 जून को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदन के अंदर और बाहर जोरदार तरीके से उठाया. तेजस्वी ने इस कांड में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की. बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए नैतिकता के आधार पर इस्तीफा की मांग कर दी.

राजद के हमलावर तेवर के बाद जदयू के प्रवक्ताओं नीरज कुमार, संजय सिंह, अजय आलोक ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के खिलाफ चरित्रहनन की मुहिम छेड़ दी. छात्र जीवन में दिल्ली में उनके छेड़खानी के पुराने मामले का उछाला गया. जदयू की तीन युवा महिला नेत्रियों ने डीजीपी से मिलकर ज्ञापन देकर कार्रवाई करने की मांग कर दी. राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने युवाकाल में कौन व्यक्ति ऐसा होगा जो यह सब नहीं किया होगा कहकर मामले को हल्का कर दिया.

आप्त सचिव की पत्नी पर लगाया संलिप्तता का आरोप लेकिन, शिवानंद ने तिवारी ने एक बयान जारी कर इस कांड के मुख्य अभियुक्त ब्रजेश ठाकुर के घर जाकर नीतीश कुमार के दावत खाने जैसे गंभीर आरोप लगा दिया. यहीं नहीं उन्होंने जदयू के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी पर आरोप लगाया कि उनके आप्त सचिव की पत्नी की इस कांड में पूरी संलिप्तता रही है. इस सवाल का जवाब नहीं मिला कि किसी राजनेता के पीए की पत्नी क्या करती है, इससे उस राजनेता का क्या लेना-देना?

इसी तरह भाजपा के एक विधायक बदले की भावना से प्रेरित होकर जदयू के कुछ नेताओं के नाम ब्रजेश ठाकुर के साथ जोड़ कर सोशल मीडिया में प्रचारित करा रहे हैं, ताकि उनसे हिसाब बराबर कर सके.


Web Title : SHELTER HOME COD CASE ALL POLITICAL PARTIES ARE HURLING MUD AT EACH OTHER