धान खरीदी के पूर्व सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने दी बहिष्कार की चेतावनी, धान खरीदी से पूर्व हमारी मांगो का निराकरण और व्यवस्था बनाये प्रशासन-चौहान

बालाघाट. चार दिन बाद धान खरीदी होना है, इससे पूर्व धान खरीदी करने वाले मध्यप्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने मांगो के निराकरण नहीं होने पर धान खरीदी के बहिष्कार की चेतावनी दी है.

मध्यप्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ की आपात बैठक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के परिसर स्थित शिव मंदिर परिसर में महासंघ जिलाध्यक्ष पी. सी. चौहान, उपाध्यक्ष एल. जे. बिसेन, एल. पी. सोनगढ़े, सचिव एम. पी. ठाकरे, प्रांतीय प्रतिनिधि दिनेश परिहार, मिडिया प्रभारी जियालाल लिल्हारे, कटंगी अध्यक्ष डी. एस. परिहा, लालबर्रा अध्यक्ष आर. एल. ऐड़े, खमरिया अध्यक्ष युगलकिशोर बिसेन, किरनापुर अध्यक्ष कार्तिक बिसेन, बालाघाट अध्यक्ष चंद्रशेखर दुर्गवार, किरनापुर अध्यक्ष गुनेन्द्र चौकसे, परसवाड़ा अध्यक्ष ओ. पी. पुरी और बालाघाट अध्यक्ष मनोज कटरे की उपस्थिति में आहूत की गई थी.

जिसमंे सर्वसम्मति से तय किया गया कि विगत 30 अक्टूबर को जिला प्रशासन को दिये गये ज्ञापन में उल्लेखित मांगो का निराकरण नहीं किया जाता है, तब तक धान खरीदी नहीं की जायेगी. वहीं धान खरीदी को लेकर अपनाई जा रही जटिल प्रक्रिया पर भी महासंघ ने आपत्ति दर्ज की है.  

महासंघ जिलाध्यक्ष पी. सी. चौहान ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा उपार्जन नीति अनुसार समितियों द्वारा उपार्जन कार्य किया जाता है. इसमें उपार्जन अवधि के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी समितियो को विपणन संघ से विभिन्न प्रकार की लेनदारी शेष है, वहीं इस होने वाले उपार्जन कार्य में भी समितियों से कोई चर्चा नहीं गई है, जबकि समितियों के कई समक्ष कई परेशानियां है.

उन्होंने बताया कि विगत 30 अक्टूबर को कलेक्टर के नाम दिये गये ज्ञापन में महासंघ ने विगत वर्ष की तरह सभी उपार्जन केन्द्र को पुनः केन्द्र बनाये जाने, प्रासंगिक व्यय, कमीशन राशि, ट्रक लोडिंग राशि, ऑपरेटर वेतन का भुगतान करने, उपार्जन केन्द्रो को एसडब्ल्युसी से सिंगल उपयोग के नाम पर दिये गये कटे-फटे बारदानों को वापस लेने, उपार्जन कार्य से पूर्व उपार्जन ऐजेंसियों और संबंधित की बैठक कर होने वाली परेशानियों पर चर्चा करने, उपार्जन कार्य प्रारंभ होने से पूर्व ऐजेंसी से अनुबंध कराये जाने, उपार्जन कार्य में परिवहन करते समय उपार्जन केन्द्र पर तौल कर दिये गये तौल पत्रक अनुसार स्वीकृति पत्र प्रदान करने, ट्रक लोडिंग की राशि संबंधित परिवहनकर्ता से लोडिंग पश्चात तुरंत हमला को दिलाये जाने, परिवहन के लिए हमालो की व्यवस्था परिवहनकर्ता द्वारा कराये जाने, उपार्जन कार्य में गुणवत्ता परीक्षण के लिए सर्वेयर की व्यवस्था विपणन संघ द्वारा अपने कर्मचारी से कराये जाने और उपार्जन केन्द्र से समय पर परिवहन नहीं होने पर परिवहनकर्ता एवं विपणन संघ की जवाबदेही तय करने की मांग की गई थी, लेकिन आज तक इन मांगो को लेकर जिला प्रशासन ने अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है, जिससे प्रतित होता है कि उपार्जन केन्द्र करने वाली समितियों को लेकर प्रशासन गंभीर नहीं है. जिसको लेकर कर्मचारी महासंघ अपनी नाराजगी व्यक्त करता है और जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक सहकारी समिति उपार्जन कार्य नहीं करेगी.

किसान हो रहे परेशान

महासंघ जिलाध्यक्ष पी. सी. चौहान ने बताया कि आगामी 4 दिनों बाद धान खरीदी प्रारंभ हो जाना है, लेकिन अब तक जिले में किसानो का पंजीयन पूरा नहीं हो सका है. किसानों को आधार में मोबाईल नंबर अपडेट करने की बात कही जा रही है, जिसको लेकर किसान, उपार्जन केन्द्र प्रभारियों को परेशान कर रहे है, वहीं दूसरी ओर आधार कार्ड में मोबाईल नंबर जोड़ने आधार केन्द्र में अपडेशन के लिए कतारें लग रही है, जिसके लिए किसानों को अतिरिक्त राशि का खर्च करनी पड़ रही है, जबकि पिछले बार केवल मोबाईल नंबर से काम हो गया था.  

कई समितियों से नहीं उठी अब तक धान

महासंघ जिलाध्यक्ष पी. सी. चौहान ने बताया कि जिले के जाम, कनकी मंडी, सिहोरा, बकोड़ा मंडी, कटंगी मंडी, डोकरबंदी मंडी सहित अन्य जगहो पर अभी पिछले वर्ष की धान खरीदी की धान रखी है, जिसका उठाव नहीं हो सका है. दूसरी ओर मिलिंग नहीं होने से वैसे ही कैपो में धान भंडारित है, ऐसी स्थिति में कहां खरीदे करें और कहां धान भंडारित की जायेगी, इसकी कोई मेपिंग नहीं की गई है. जिससे धान खरीदी पर संशय बना है. जिसे प्रशासन को तत्काल दूर करना चाहिये.

बारदाना भी सिंगल युज्ड कटे-फटे

धान खरीदी के बाद जिस बारदाने में धान को रखा जाना है, महासंघ के अनुसार जो बारदाना एसडब्ल्युसी से दिया गया है, वह सिंगल युज्ड और कटे-फटे बारदानें है, जिसमें धान को कैसे रखा जायेगा और वह सुरक्षित रह पायेगा, यह एक बड़ा सवाल है. फिलहाल प्रशासन की धान खरीदी को लेकर केवल निर्देश जारी हो रहे है लेकिन मैदानी स्तर पर कितना पालन हो रहा है और क्या नियत समय पर धान खरीदी की तमाम व्यवस्थायें बना ली गई है यह भी अब तक सामने नहीं आया है. जिससे इस वर्ष भी धान खरीदी से लेकर परिवहन का मामला एक बार फिर भविष्य में उठने की संभावना है.


Web Title : FORMER COOPERATIVE EMPLOYEES FEDERATION WARNS OF BOYCOTT BEFORE PROCUREMENT OF PADDY, RESOLVES OUR DEMANDS AND MAKES ARRANGEMENTS BEFORE PROCUREMENT OF PADDY: ADMINISTRATION CHAUHAN