चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात, ईतवारी बाजार की गंदगी का कब होगा स्थायी समाधान

बालाघाट. नगरपालिका चुनाव में मिले बहुमत से उत्साहित आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन, वार्ड क्रमांक 6 एवं 29 के क्षेत्र में आने वाले इतवारी बाजार पहुंचे थे और यहां व्याप्त गंदगी पर तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए इसके स्थायी समाधान का जिक्र किया था. इस दौरान तो नपा ने उनके सामने यहां गंदगी नहीं होने देने की बात कही थी लेकिन उनके जाने के बाद अब भी यहां के हालत सुधरे नहीं है और चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात की कहावत की तरह यहां हालत पूर्ववत हो गये है. जिससे लोगांे को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है, वही बरसात के मौसम, में संक्रमण बीमारियों के बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है, ऐसी स्थिति में यहां के लोगों को ईतवारी बाजार में गंदगी से जानलेवा मलेरिया के मच्छरों और गंदगी से होने वाली बीमारियों का खतरा डरा रहा है.

बनिस्मत गंदगी को लेकर नपा द्वारा कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाये जाने से ऐसे हालत पूरे शहर में है, कहीं जल निकासी नहीं होने से गंदा पानी सड़कों और रहवासी क्षेत्रों के पास जमा हो रहा है, तो कहीं कचरों की गंदगी ने लोगों को जीना दूभर कर दिया है.

बापूजी सहारे, यहां गाड़ी सुधार का कार्य करते है और अब तक यहां उन्होंने केवल गंदगी ही देखी है, जो बताते है कि कभी यहां की सही सफाई होते आज तक नहीं देखा, कभी-कभार यदि सफाई हो भी जाती है तो फिर ज्यो की लंका त्यौं हो जाती है. उनका कहना है कि बदबू के हमारे जीना मुश्किल हो गया है, वहीं गंदगी से बीमारियों का खतरा भी पैदा हो गया है. नगरपालिका यहां की सफाई करें, ताकि लगे की नगर में स्वच्छता अभियान चल रहा है.

 मजदूर कन्हैया, सरस्वती नगर में रहते है लेकिन काम के इतवारी बाजार आते है, जिनका भी मानना है कि नगरपालिका सफाई की ओर ध्यान नहीं दे रही है, तब ही तो इतवारी बाजार में गंदगी के हालत ऐसे बने है. उन्होंने कहा कि ऐसी गंदगी से मलेरिया को बढ़ावा देने वाले मच्छरों के फैलने का डर हमेशा बना रहता है. नगरपालिका को यहां की सफाई करनी चाहिये.


Web Title : FOUR DAYS OF MOONLIGHT THEN DARK NIGHT, WHEN WILL THERE BE A PERMANENT SOLUTION TO THE MESS OF ITWARI MARKET