ओबीसी की जनगणना, कृषि कानूनों को वापस लेने और ईव्हीएम की पेपर ट्रेल से शत प्रतिशत मिलान की मांग,राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

बालाघाट. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने पांच चरणो में ओबीसी जनगणना, कृषि कानून को वापस लेने और चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए ईव्हीएम के साथ पेपर ट्रेल मशीन से निकलने वाली पर्ची के शत प्रतिशत मिलाने की मांग को लेकर आंदोलन प्रारंभ कर दिया है. जिसके प्रथम चरण में उक्त मांग को लेकर 15 अक्टूबर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया. जबकि पांच चरणों के इस आंदोलन में 29 अक्टूबर को जिलास्तर पर धरना प्रदर्शन, 12 नवंबर को तहसील स्तर पर धरना प्रदर्शन, 25 नवंबर को रैली एवं जेल भरो आंदोलन एवं 10 दिसंबर को भारत बंद का आव्हान किया गया है.  

कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने पहुंचे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला संयोजक सतीश भारद्वाज ने बताया कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पांच चरण में ओबीसी जनगणना, कृषि कानून को वापस लेने और चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए ईव्हीएम के साथ पेपर ट्रेल मशीन से निकलने वाली पर्ची के शत प्रतिशत मिलान की मांग को लेकर आंदोलन किया जाना है, जिसके प्रथम चरण में आज ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया है. उन्होंने बताया कि सरकार जाति आधारित जनगणना से पीछे हट रही है, जिसमें ओबीसी की जनगणना को लेकर हमारी मांग है, ताकि देश में ओबीसी के सही आंकड़े आने पर उसके विकास और प्रतिनिधित्व पर सरकार नीतियां बना सके. आजादी के 74 वर्ष बाद भी देश का सबसे बड़ी जाति का प्रतिनिधित्व करने वाला ओबीसी समाज आज हक और अधिकार से वंचित है. वहीं मोदी सरकार द्वारा जो तीन कृषि कानून लाये गये है, वह किसान विरोधी और पंूजीपतियों को फायदा पहुंचाने वाला कानून है. इस कानून के लागु हो जाने से जहां किसान, पूंजीपतियों के अधिन हो जायेंगे. वहीं गरीब किसान, मजदूर और देश के आम लोगों की स्थिति भुखो मरने जैसी आ जायेगी. जिसे देखते हुए इस काले कानून को वापस लिया जाना चाहिये. उन्होंने बताया कि कोर्ट भी मानता है कि ईव्हीएम से चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं हो सकते. जिसके चलते उसने ईव्हीएम के साथ पेपर ट्रेल लगाने का आदेश दिया. जिसे लगाने के बाद ईव्हीएम और पेपर ट्रेल मशीन की पर्ची से शत प्रतिशत मिलान नहीं हो रहा है, जिससे चुनाव की मतगणना निष्पक्ष और पारदर्शी नजर नहीं आती है, हमारी मांग है कि पेपर ट्रेल मशीन की पर्ची का शत प्रतिशत मिलान हो.  

संयोजक सतीश भारद्वाज ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो इसको लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा सतत चरणबद्व आंदोलन करेगा. उन्होंने बताया कि देश के 31 राज्यों और 550 जिलो में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय आव्हान पर 15 अक्टूबर को एकसाथ उक्त मांगो को लेकर ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को सौंपा जा रहा है. इस दौरान राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे.


Web Title : NATIONAL BACKWARD CLASSES FRONT SUBMITS MEMORANDUM TO PRESIDENT DEMANDING OBC CENSUS, WITHDRAWAL OF AGRICULTURAL LAWS AND 100 PER CENT MATCHING OF EVM PAPER TRAIL