गुजराती नवरात्र की तर्ज पर 74 वर्षो से गुजराती समाज मना रहा नवरात्र पर्व, गुजराती भक्ति गीतो पर गरबा से हो रही मां की आराधना

बालाघाट. भारत देश सर्वधर्म समभाव का देश है, अनेक संस्कृति और भाषायें होने के बाद भी हम सब भारतवासी एक है. हर धर्म के लोग अपने-अपने त्यौहारों को अपनी-अपनी परंपरा और संस्कृति के अनुसार मनाते है. खासकर नवरात्र में बालाघाट की पावन भूमि पर गुजराती और बंगाली संस्कृति में परंपरानुसार मनाये जाने वाले नवरात्रि पर्व खास होता है.  बालाघाट मुख्यालय में निवासरत गुजराती समय, विगत 74 वर्षो से गुजराती नवरात्र की तर्ज पर बालाघाट में नवरात्र पर्व मनाते आ रहा है. जहां गुजराती देवीभक्ति गीतों पर लाईव बैंड के साथ समाज की हर उम्र के लोग, गरबा से मां की आराधना करते है.

कच्छ गुजर क्षत्रिय समाज युवा मंडी अध्यक्ष गौरव परमार ने बताया कि पूरे समाज को नवरात्रि का पूरे वर्ष इंतजार रहता है, नवरात्र पर पूरा समाज एकजुट होकर मां की आराधना और उपासना में जुट जाता है. नवरात्र में खास गरबा से मां की आराधना होती है, जहां मां की ज्योति प्रज्जलवित होते रहती है और समाज के सभी बंधु मिलकर गरबा से मां की आराधना करते है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष गोंदिया से लाईव बैंड बुलाया गया है. जिसके भक्तिगीतों पर गरबा हो रहा है. वहीं आगामी वर्ष में नवरात्र के 75 वर्ष पूर्ण होने पर गुजराती के लाईव बैंड को आमंत्रित किया जायेगा. उन्होंने बताया कि पूरे नवरात्र में गरबा के साथ ही महिला मंडल द्वारा बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है.


Web Title : ON THE LINES OF GUJARATI NAVRATRI, GUJARATI SOCIETY HAS BEEN CELEBRATING NAVRATRI FESTIVAL FOR 74 YEARS, WORSHIPING MOTHER WITH GARBA ON GUJARATI DEVOTIONAL SONGS