आरटीओ की लापरवाही से युवक के जान पर बन आई आफत, चेकिंग के नाम पर बीच सड़क पर वाहन खड़ा कर खोला दरवाजा, दरवाजे से टकराकर दो युवक घायल

बालाघाट. नियमों का पालन करवाने वाले जिम्मेदार ही नियमों का उल्लंघन कर किसी की जान की आफत बन जायें तो क्या कहा जा सकता है. 24 नवंबर की दोपहर आरटीओ अधिकारी की लापरवाही से एक युवक के जान पर आफत बन आई है.

बताया जाता है कि आरटीओ अधिकारी अनिमेष गढ़पाले का वाहन नंबर एमपी 20 टीए 5754 से रानी अवंतीबाई चौक के पास ऑटो स्टैंड के सामने बीच सड़क पर खड़ा कर आरटीओ अधिकारी ने उतरने के लिए वाहन का दरवाजा खोला कि पीछे से आ रहे एक वाहन चालक का वाहन, दरवाजे से टकरा गया. जिससे मोटर सायकिल में सवार दो युवक वाहन सहित सड़क पर गिरने से घायल हो गये. प्रत्यक्षदर्शी नाजिम खान की मानें तो आरटीओ अधिकारी के वाहन चालक ने एकाएक वाहन को बीच सड़क में खड़ा कर दिया और आरटीओ अधिकारी बिना पीछे आ रहे वाहन को देखे दरवाजा खोल दिया, जिससे यह वारदात हो गई. इस घटना में वारासिवनी थाना अंतर्गत लड़सड़ा निवासी 19 वर्षीय भुवेन्द्र पिता आत्माराम मसखरे और भाई 18 वर्षीय ओमेन्द्र पिता आत्माराम मसखरे घायल हो गये. जिसकें भुवेन्द्र के सिर, मुंह, नाक, हाथ और पैरो मेे चोटें आई है. जबकि भाई ओमेन्द्र को भी चोटें है. जिसके बाद घायलों को जिला चिकित्सालय लाया गया. हालांकि घटना के बाद आरटीओ कहीं चले गये थे, जो बाद में जिला चिकित्सालय पहुंचे और घायलों के ईलाज के बारे में चिकित्सकों से चर्चा की. बताया जा रहा है कि आरटीआई अनिमेष गढ़पाल ने घायलों को बेहतर उपचार दिलवाने का भरोसा दिलाया है, लेकिन इससे वह अपनी लापरवाही से नहीं बच सकते है.  

वहीं ऑटो स्टैंड पहुंचने के सवाल पर उन्होंने बताया कि वाहन माननीय न्यायालय के निर्देश पर नियम विरूद्ध बिना परमिट और फिटनेस के चलाये जा रहे ऑटो चालकों पर कार्यवाही करने पहुंचे थे. जहां से 12-13 ऑटो भी जब्त किये गये है. वहीं लापरवाहीपूर्वक बिना पीछे देखे कार का दरवाजा खोलने के सवाल पर कहा कि वह किनारे था. चूंकि वहा ऑटो वाले खड़े थे. बहरहाल जो भी हो लेकिन आरटीओ अधिकारी की लापरवाही से एक युवक गंभीर हालत में पहुंच गया है. बताया जाता है कि दोनो भाई रेंगाटोला आये थे और किसी काम से वह दोपहर भरवेली जा रहे थे, इस दौरान ही वह हादसे का शिकार हो गये.  

बालाघाट. नियमों का पालन करवाने वाले जिम्मेदार ही नियमों का उल्लंघन कर किसी की जान की आफत बन जायें तो क्या कहा जा सकता है. 24 नवंबर की दोपहर आरटीओ अधिकारी की लापरवाही से एक युवक के जान पर आफत बन आई है.
बताया जाता है कि आरटीओ अधिकारी अनिमेष गढ़पाले का वाहन नंबर एमपी 20 टीए 5754 से रानी अवंतीबाई चौक के पास ऑटो स्टैंड के सामने बीच सड़क पर खड़ा कर आरटीओ अधिकारी ने उतरने के लिए वाहन का दरवाजा खोला कि पीछे से आ रहे एक वाहन चालक का वाहन, दरवाजे से टकरा गया. जिससे मोटर सायकिल में सवार दो युवक वाहन सहित सड़क पर गिरने से घायल हो गये. प्रत्यक्षदर्शी नाजिम खान की मानें तो आरटीओ अधिकारी के वाहन चालक ने एकाएक वाहन को बीच सड़क में खड़ा कर दिया और आरटीओ अधिकारी बिना पीछे आ रहे वाहन को देखे दरवाजा खोल दिया, जिससे यह वारदात हो गई. इस घटना में वारासिवनी थाना अंतर्गत लड़सड़ा निवासी 19 वर्षीय भुवेन्द्र पिता आत्माराम मसखरे और भाई 18 वर्षीय ओमेन्द्र पिता आत्माराम मसखरे घायल हो गये. जिसकें भुवेन्द्र के सिर, मुंह, नाक, हाथ और पैरो मेे चोटें आई है. जबकि भाई ओमेन्द्र को भी चोटें है. जिसके बाद घायलों को जिला चिकित्सालय लाया गया. हालांकि घटना के बाद आरटीओ कहीं चले गये थे, जो बाद में जिला चिकित्सालय पहुंचे और घायलों के ईलाज के बारे में चिकित्सकों से चर्चा की. बताया जा रहा है कि आरटीआई अनिमेष गढ़पाल ने घायलों को बेहतर उपचार दिलवाने का भरोसा दिलाया है, लेकिन इससे वह अपनी लापरवाही से नहीं बच सकते है.  
वहीं ऑटो स्टैंड पहुंचने के सवाल पर उन्होंने बताया कि वाहन माननीय न्यायालय के निर्देश पर नियम विरूद्ध बिना परमिट और फिटनेस के चलाये जा रहे ऑटो चालकों पर कार्यवाही करने पहुंचे थे. जहां से 12-13 ऑटो भी जब्त किये गये है. वहीं लापरवाहीपूर्वक बिना पीछे देखे कार का दरवाजा खोलने के सवाल पर कहा कि वह किनारे था. चूंकि वहा ऑटो वाले खड़े थे. बहरहाल जो भी हो लेकिन आरटीओ अधिकारी की लापरवाही से एक युवक गंभीर हालत में पहुंच गया है. बताया जाता है कि दोनो भाई रेंगाटोला आये थे और किसी काम से वह दोपहर भरवेली जा रहे थे, इस दौरान ही वह हादसे का शिकार हो गये.  

Web Title : RTOS NEGLIGENCE LEADS TO DISASTER IN YOUTHS LIFE, VEHICLE PARKED ON BEACH ROAD IN THE NAME OF CHECKING, DOOR OPENED, TWO YOUTHS INJURED AFTER HITTING DOOR