पेसिफिक मिनरल्स की मुआवजा देरी से रूका रहा मृतक का पीएम, भारतीय मजदूर संघ के आगे झुका प्रबंधन, मृतक को एक लाख की तत्काल मदद और 6 हजार रूपए परिवार को पेंशन का दिलाया भरोसा

बालाघाट. पेसिफिक मिनरल्स की लौंगुर अंडरग्राउंड माईंस में सुरक्षा मानकांे की अनदेखी कर श्रमिकों से लिए जा रहे काम का भुगतमान, कल एक श्रमिक को अपनी जान देकर गंवाना पड़ा. गहरी अंडरग्राउंड माईंस में आने-जाने का एकमात्र सहारा रस्सी की सीढ़ी बताई जाती है, यदि ऐसी स्थिति में अंडरग्राउंड के अंदर कोई दुर्घटना हो जाती है तो श्रमिको का भगवान ही मालिक है, 

पेसिफिक मिनरल्स की लौंगुर खदान में रस्सी की सीढ़ी से गिरे मजदूर की मौत मामले में पेसिफिक मिनरल्स की मुआवजा को लेकर की गई देरी के कारण, मृतक श्रमिक जगदीश सरोते के पीएम, देरी से हो सका.  

गौरतलब हो कि 12 मई को ुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रूपझर थाना क्षेत्र के लौंगुर में वनक्षेत्र के अंदर चल रही पेसिफिक मिनरल्स की अंडरग्राउंड माईंस में रस्सी की सीढ़ी से बाहर आते समय गिरने से मौत हो गई थी.  

रस्सी की सीढ़ी से काम के बाद बाहर आ रहे श्रमिक जगदीश पिता तिरथ सरोते की गिरने से हुई मौत के बाद भी माईंस प्रबंधन की ओर से श्रमिक को अस्पताल लाने तक, वाहन की कोई सुविधा नहीं मिलने से परिजन और साथी श्रमिक निजी वाहन से उसे लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे थे. जिसके जिला चिकित्सालय में चिकित्सक ने मृत की पुष्टि किए जाने के बाद मृतक श्रमिक जगदीश के शव को पुलिस ने सुरक्षित मर्चुरी में रखवा दिया था. जिसका 13 मई को पीएम होना था लेकिन मुआवजा राशि मिलने और श्रमिक की मौत के बाद परिवार वालों के जीवनयापन के लिए कंपनी प्रबंधन द्वारा देरी से निर्णय लिए जाने के कारण, पीएम करने में देरी हुई. जब पेसिफिक मिनरल्स प्रबंधन ने श्रमिक के परिवार को एक लाख रूपए नगद और परिवार को प्रतिमाह 06 हजार रूपए पेंशन देने का लिखित भरोसा दिलाया गया है, तब जाकर कहीं मृतक का पीएम हो सका. जिसके बाद अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है. मामले की अग्रिम जांच रूपझर थाना पुलिस द्वारा की जाएगी.

श्रमिक के परिवार को पेसिफिक मिनरल्स प्रबंधन से एक लाख रूपए नगद राशि और परिवार के जीविकापार्जन के लिए प्रतिमाह 06 हजार रूपए दिलवाने मंे भारतीय मजदूर संघ विभाग प्रमुख राजकुमार मोहारे और संघ की भूमिका सशक्त रही. जो रात से लेकर मृतक को आर्थिक मदद दिलाने और उसके पीएम तक उसके साथ खड़े रहे. भारतीय मजदूर संघ के श्रमिक की मौत मामले में उठाए गए सवालों पर निरूत्तर प्रबंधन ने घुटने टेककर,  मृतक श्रमिक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और जीवनयापन के लिए परिवार को प्रतिमाह एक निश्चित राशि दिए का लिखित आश्वासन दिया गया.

भारतीय मजदूर संघ ने जारी बयान में बताया कि पेसिफिक मिनरल्स की अंडरग्राउंड माईंस में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुई श्रमिक जगदीश तिवारी की मौत मामले का संज्ञान लेते हुए भारतीय मजदूर संघ ने लेते हुए पेसिफिक मिनरल्स मैनेजमेंट से श्रमिक को उचित अधिकार देने के लिए दबाब बनाया. जिस विषय को लेकर 13 मई को पैसिफिक मिनरल्स के ऑफिस में माइंस प्रबंधन के लोगो के साथ मृतक के परिवार एवं भारतीय मजदूर संघ की वार्ता संघ के विभाग प्रमुख राजकुमार मोहारे एवं जिलाध्यक्ष  अनिमेष खरे की उपस्थिति में बैठक हुई. जिसमें विस्तृत चर्चा के बाद पेसिफिक मिनरल्स प्रबंधन ने मृतक के परिवार को तत्काल अंतिम संस्कार एवं अन्य कार्यक्रम के लिए एक लाख रूपए नगद राशि प्रदान की. वहीं मृतक के आश्रित परिवारवालों को प्रतिमाह 06 हजार रूपए देने का लिखित भरोसा दिलाया गया है. माईंस प्रबंधन की मानें तो श्रमिक का बीमा था. जिसकी भी राशि परिवारवालों को दिलवाई जाएगी.   


Web Title : THE COMPENSATION OF PACIFIC MINERALS WAS STOPPED DUE TO DELAY, THE MANAGEMENT BOWED BEFORE THE BHARATIYA MAZDOOR SANGH