महिला एवं बाल विकास विभाग ने घुनाड़ी में रूकवाया बाल विवाह

कटंगी. तहसील के ग्राम घुनाड़ी में होने वाले बाल विवाह को महिला एवं बाल विकास विभाग की तत्परता के चलते रूकवा दिया गया.  परियोजना अधिकारी पुष्पेन्द्र रानाड़े का सूचना मिली थी कि ग्राम घुनाड़ी में एक बालिका जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम है, जिसका परिजन विवाह करवा रहे है, जिसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर होने वाले बाल विवाह को रुकवाया तथा बालिका के परिजनों को समझाईस दी कि बाल विवाह अपराध है. अफसरों की समझाईस के बाद बालिका के परिजन उसके बालिग होने पर विवाह करने को राजी हो गये हैं. बालिका के परिजनों को जब पता कि 18 वर्ष से कम की आयु में बालिका का विवाह करने पर उन्हें जेल जाना पड़ सकता है तो उन्होंने फौरन बालिका का विवाह रोकने की बात मान ली और 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर ही बालिका का विवाह करने का निर्णय लिया.

बाल विवाह रूकवाने में परियोजना अधिकारी पुष्पेन्द्र रानाडे, पर्यवेक्षक श्रीमती जयागौरी मरावी, श्रीमती लक्ष्मी चौधरी, आंगनवाडी कार्यकर्ता श्रीमती उषा बिसेन एवं ग्रामीणों का सहयोग रहा. बालिका के परिजनों से चर्चा के दौरान पता चला कि बालिका का विवाह विकासखण्ड बरघाट जिला सिवनी के ग्राम पनवास निवासी युवक के साथ तय हुआ है. बालिका की जन्मतिथि कक्षा 10 वीं की अंकसूची में 19 मई 2005 अंकित है. जिसके आधार पर विवाह दिनांक को बालिका की आयु 16 वर्ष 11 माह 28 दिन पाई गई. इस पर बालिका के परिवार जनों तथा रिश्तेदारों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के विषय में जानकारी दी गई तथा बाल विवाह होने पर होने वाली सजा के प्रावधानों के संबंध में बताया गया. समझाईश उपरांत परिवारजनों ने बालिका के 18 वर्ष की आयु होने के बाद ही विवाह करने करने की सहमति दी और पंचनामे पर हस्ताक्षर किये गये.  


Web Title : WOMEN AND CHILD DEVELOPMENT DEPARTMENT STOPS CHILD MARRIAGE IN GHOONADI