रेलवे के अनयुज्ड भवन का इस्तेमाल नगर निगम प्रोडक्शन सेंटर व ट्रेनिंग सेंटर के रूप में करेगी, डीआरएम ने दी सहमति

धनबाद : एनयूएलएम के तहत नगर निगम ने स्वंय सहायता समूह तैयार किया है. जिसमे अबतक 800 महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण लेकर वस्तुओ का उत्पादन कर सकने के स्टेज पर पहुँच चुकी है. अब इसके लिए निगम को उत्पादन सेंटर की आवश्यक्ता है. निगम के पास जगह का अभाव है. इस दिशा में रेलवे ने हाथ बढ़ाया है. रेलवे अपने अनयुज्ड जितने भी मकान है वह उत्पादन सेंटर तथा ट्रेनिंग सेंटर के दृष्टिकोण से निगम को देने जा रही है.

उक्त जानकारी मेयर चन्द्र शेखर ने रविवार को बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में दी. जिले के सौन्दर्यकरण, धनबाद शहर को जाम से मुक्त करना, रोजगार सृजित करना जैसे मुख्य बिंदुओं पर रविवार को मेयर, डीआरएम के बीच वार्ता हुई.

बैठक डीआरएम कार्यालय के सभाकक्ष में हुई. बैठक में निगम के मुख्य कार्यपालक अभियंता एसके सिन्हा, सिटी मैनेजर संतोष सिंह, टेक्निकल एक्सपर्ट एके शर्मा, मो0 अनिश, ट्रेफ़िक डीएसपी डीके गुप्ता, एडीआरएम अशोक कुमार, बीके सिंह, विनोद कुमार, मि0 कुणाल मौजूद थे.

मेयर ने कहा कि उपरोक्त बिंदुओं का समाधान रेलवे, बीसीसीएल तथा नगर निगम के गठजोड़ से ही मुमकिन है. बैठक सकारात्मक रही. मेयर ने बताया नगर निगम युवाओ को उनके स्कील डेवलपमेंट हेतु लगातार ट्रेनिग दी जा रही है.

ट्रेनिंग उन्ही सब चीजो की दी जा रही है जिसकी जरूरत धनबाद को है ताकि प्रशिक्षण के बाद ट्रेंड युवक उन चीजों का उत्पादन कर सके. ट्रेनिंग सेंटर के लिए निगम को जमीन की आवश्यक्ता है.

जाम से मुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा कि गयापुल से ओवरब्रिज निकालना, साऊथ साइड से अंडर पास के अलावे मटकुरिया से बिनोद बिहारी चौक तक ओवरब्रिज की योजना है. मटकुरिया ओवरब्रिज के मुद्दे पर डीपीआर बनकर तैयार है.

कैबिनेट से एप्रूवल मिलते ही टेंडर प्रोसेस के उपरांत कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा. साउथ साइड के ब्रीज निर्माण हेतु सोमवार को रांची में बैठक है. सरकार से मंजूरी मिलते ही रेलवे से एनओसी लेकर इसपर भी कार्य पर किया जायेगा.

उन्होंने कहा गया पुल से ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में रेलवे राइट्स से तकनिकी मदद ले रही है. आने वाले दिनों में निश्चित ही सकारात्मक पहल होगी.  

स्टेशन रोड को जाम से मुक्त करने में बसों के रूठ में बदलाव जरूरी : 

स्टेशन आने वाले यात्रियो को अतिक्रमण के कारण स्टेशन के मुख्य द्वार तक आने में होने वाली परेशानी से निजात दिलाने पर भी व्यापक चर्चा बैठक में हुई. डीआरएम के द्वारा बताया गया कि स्टेशन रोड का जाम अतिक्रमण की वजह से है. इसके निजात के लिए जिला प्रशासन की इसमें भागेदारी जरुरी है. बसों का परिचालन स्टेशन रोड में होने से स्थिति और भी विकराल होती है. इसके निदान के लिए बसों के रूठ में बदलाव करके बसे पूजा टॉकीज से श्रमिक चौक की तरफ जाने चाहिए और बसों का पड़ाव श्रमिक चौक पर हो.  

कतरास निचितपुर भाया गोमो होकर रांची एमओयू चलाने पर 15 फ़रवरी से पहले निर्णय :

डीआरएम ने बताया कि कतरास निचितपुर भाया गोमो होकर रांची एमओयू चलाने पर मंडल अपने स्तर से तैयार है. लगातार रेलवे बोर्ड के संपर्क में भी है. बोर्ड से भी यह सुझाव मिला है कि ऐसे जितने भी प्रोजेक्ट है उसे 15 फ़रवरी से पहले पहले पूर्ण कर लिया जाय.

Web Title : THE ANAYUJAD BUILDING OF THE RAILWAY WILL BE USED AS THE MUNICIPAL CORPORATION PRODUCTION CENTRE AND TRAINING CENTRE, THE DRM CONSENT GIVEN

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