आपसी सौहार्द औऱ भाईचारा बनाए रखने के लिए मुहर्रम के दिन अखाड़ा जुलूस नहीं निकालने का निर्णय

धनबाद : नया बाजार स्तिथ बेनज़र होटल में संध्या 4 बजे सेंट्रल मुस्लिम कमिटी ऑफ धनबाद की बैठक हुई.

इस बैठक में मुस्लिम समुदाय के बुद्धिजीवी लोगों ने शिरकत की. इस बैठक का मूल उद्देश्य था आने वाले दिनों 30 अक्टूबर को विजयदशमी एवं उसके ठीक दूसरे दिन यानी 1 अक्टूबर को मुहर्रम, दोनों ही पर्व कोयलांचल में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है.  

 दोंनो ही धर्मों में इन पर्वों का भावनात्मक लगाव है, इसी को देखते हुए आज यह बैठक रखी गई थी, जिसमें दोनों ही पर्व में सर्वसम्मति से आपसी सौहार्द और भाईचारा को बनाए रखते हुए त्योहार मनाने का निर्णय लिया गया.

इसके लिए कमिटी ने निर्णय लिया कि मुहर्रम का जुलूस(अखाड़ा)बाज़ार या ऐसे जगहों पे नही जाएगा जिस से हमारे हिन्दू समुदाय के भाइयों और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई भी परेशानी न हो.

पिछले 2 वर्षों से दशहरा और मुहर्रम एक साथ हो रहा है. सुरक्षादृष्टि से ताकि कोई अनहोनी न हो, इस लिहाज से इस वर्ष भी अखाड़ा जुलूस नही निकालने का निर्णय लिया गया.

कमिटी के सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि हम  बखूबी अपनी भूमिका को भली-भांति जानते है.

हम अपनी जिम्मेवारीं का बखूबी निर्वाह करेंगे जिससे धनबाद में आपसी भाईचारे की मजबूत एवं अद्धभुत मिशाल कायम  होगी.

पूजा के दौरान मुस्लिम बहुल क्षेत्र से हो कर गुजरने वाले श्रद्धालुओं के लिए हमारे समाज के वोलिएंटीएर पेयजल एवं फर्स्ट-एड कैम्प की व्यवस्था की जाएगी.

बैठक में हाजी इक़बाल साहब, निसार आलम, जावेद इक़बाल, जुबैर आलम, राशिद रज़ा अंसारी, इम्तियाज़ आलम, सोहराब खान, जावेद खान, मुमताज़ कुरैशी, अफ़ज़ल खान, हाजी इमरान साहब, इमरान अली, परवेज़ खान, मुर्तजा खान, हारून कुरैशी, छोटू कुरैशी, गुलाम ख्वाज़ा, विभिन्न मुहर्रम अखाड़ा कमिटी के सदर-सेक्रेटरी के अलावा मुस्लिम समुदाय के सैंकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित थे.

Web Title : TO MAINTAIN MUTUAL HARMONY AND BROTHERHOOD, THE DECISION TO NOT TAKE THE AKHARA PROCESSION ON THE DAY OF MUHARRAM