बिहार पुलिस ने माना अपराधिक वारदातों में हुई बेतहाशा वृद्धि

पटना : अब तक किसी सरकार में विपक्ष कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर सरकार को घेरता था लेकिन शुक्रवार को बिहार पुलिस के आला अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने जो आंकड़े पेश किए उसके अनुसार राज्य में अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है और अपराधी भी बेलगाम हैं.

इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो राज्य के गृह मंत्री भी हैं, ने ताबड़तोड़ कई आदेश दिए. इन आदेशों के कुछ घंटे के अंदर एडीजी स्तर के अधिकारी उन्हें लागू कराने के लिए ख़ुद अपने दफ्तर से थानों में जाकर स्थिति की समीक्षा करने लगे. दरअसल बिहार में शायद ही कोई ऐसा दिन होता है जब आठ-दस लोगों की हत्याएं, बैंक डकैती, लूटपाट की घटनाएं नहीं होती हैं.

शुक्रवार को समीक्षा के दौरान जो आंकड़े प्रस्तुत किए गए उसके अनुसार राजधानी पटना, वैशाली और मुज़फ़्फ़रपुर यह तीन ऐसे जिले चिन्हित किए गए जहां अपराधों में कमी नहीं आई है. इन जिलों में अपराधों के अनुसंधान में अधिकारियों द्वारा काफी ढिलाई बरतने के आंकड़े सामने आए हैं. पिछले पांच वर्षों के दौरान राजधानी पटना में ही अनुसंधान में सबसे ज्यादा कमी देखी गई.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए एक नहीं कई आदेश दिए. इनमें अब एडीजी स्तर के अधिकारी हों या आईजी स्तर के अधिकारी, सब अनुमंडल और थाने के स्तर पर जाकर अपराध की घटनाओं में कमी क्यों नहीं आ रही है, इसकी समीक्षा करेंगे. साथ-साथ वे अनुसंधान में कैसे तेज़ी लाई जाए, इसके बारे में सुझाव देंगे. साथ ही ऐसे अधिकारियों को चिन्हित किया जाएगा जो अपने काम में शिथिल पाए जाते हैं.

शुक्रवार की बैठक में दो सबसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. थाने के स्तर पर थाना प्रभारी के नीचे दो प्रभारी होंगे. उनमें से एक अनुसंधान और दूसरा विधि व्यवस्था के लिए जिम्मेदार होगा. साथ ही अनुमंडल के स्तर पर हर एसडीपीओ के नीचे एक डीएसपी अब केवल अनुसंधान के लिए नियुक्त किया जाएगा.   

इस बैठक के बाद अधिकारियों का रोना था कि नीतीश कुमार समीक्षा बैठक में ख़ुद फ़ैसले तो लेते हैं लेकिन जब अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की बात होती है तो वरिष्ठ अधिकारियों की अनुशंसा को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं. राज्य के एक डीजी स्तर के अधिकारी ने कहा कि चुनाव में वोट खराब न हो इसलिए चुनाव के बीच दो आईपीएस अधिकारियों के ख़िलाफ़ निलंबन इसलिए वापस ले लिया कि वे जिस जाति से आते हैं उनके वोट पर कोई असर न पड़े.

Web Title : BIHAR POLICE ITSELF HAS ADMITTED THAT WILDLY RISING CRIME

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