कांचे बासें के बहंगीया, बहंगी लचिकत जाय से गूंजा शहर

झरिया : चैती छठ पर्व सोमवार को नहाय खाय व कद्दू भात के साथ शुरु हो गई.

छठ व्रतियां अपने अपने घरों में साफ सफाई कर कुआं व चापानल से पानी भरकर लाते देखी गई.

वे लोग सोमवार को स्नान कर अपने घरों में कद्दू भात सहित कई तरह के साग सब्जीयों का प्रसाद तैयार कर खायी.

साथ ही आस पास के लोगों को भी इस प्रसाद खाने के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया.

लोग काफी श्रद्धा के साथ नहाय खाय पर्व का कद्दू भात का प्रसाद ग्रहण किया.

चैती छठ पर्व काफी कम घरों में होने के कारण इसका रौनक ज्यादा धिखाई नहीं पड़ी.

पर पर्व की महानता को लेकर छठ करने वाली व्रतियां इस गर्मी में भी काफी उत्साह के साथ करते देखी जा रही है.

छठ के लेकर कद्दू 25 से 30 रुपये किलो झरिया बाजार में बेची गई.

व्रत करने वाली महिलाएं अपने घरों में छठ पर्व का गीत कांचे बांस के बहंगीया, बहंगी लचिकत जाय, पीपल के पत्ता हवा में लहराय रे आदि गीत गायी.

इसके अलावा लाउडस्पीकर के माध्यम से कई घरों में छठ गीत की गूंज सुनाई पड़ी.

Web Title : CELEBRATION OF CHAITI CHHATH AT COAL CITY