चेक बाउंस मामले में कारावास और 5 लाख रूपये प्रतिकर के आदेश

बालाघाट. चेक बाउंस मामले में बालाघाट न्यायालय के माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत ने परिवादी वारासिवनी क्षेत्र अंतर्गत चंदोरी निवासी प्रहलाद पिता सालिकरा पारधी की ओर से धारा 138 निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के प्रावधानोें के तहत अभियुक्त वारासिवनी थाना अंतर्गत सिर्रा निवासी तेजनंद पिता दुलीचंद जैतवार को दोषी पाते हुए एक वर्ष के कारावास और 5 लाख रूपये के प्रतिकर से दंडित करने का आदेश दिया है.

घटनाक्रम के अनुसार तेजनंद जैतवार ने परिवादी प्रहलाद पारधी से व्यवसाय में राशि निवेशित करने के लिए साढ़े तीन लाख रूपये नगद प्राप्त किये थे. जिसकी मांग करने पर तेजनंद जैतवार ने प्रहलाद पारधी को साढे तीन लाख रूपये का चेक प्रदान किया था. जिसे जब प्रहलाद पारधी ने बैंक में जमा किया तो वह बाउंस हो गया था. जिसके बाद प्रहलाद पारधी ने तेजनंद जैतवार को चेक बाउंस होने का सूचना पत्र देकर राशि अदा करने की बात कही थी लेकिन तेजनंद जैतवार ने जब राशि अदा नहीं की तो परिवादी प्रहलाद पारधी ने बालाघाट न्यायालय के माननीय न्यायाधीश की अदालत में परिवार पेश किया था.

जहां मामले के विचारण उपरांत उभयपक्षो के साक्ष्य और तर्को को सुनने एवं परिशीलन करने के उपरांत माननीय न्यायालय ने आरोपी तेजनंद जैतवार को दोषी पाते हुए उक्त धार के तहत एक वर्ष का कारावास और 5 लाख रूपये प्रतिकर से दंडित करने का आदेश दिया है. इस प्रकरण में परिवादी प्रहलाद पटेल की ओर से अधिवक्ता अब्दुल मलिक कुरैशी एवं सहयोगी अधि. सलीम बेग ने पैरवी की थी.


Web Title : IMPRISONMENT IN CHEQUE BOUNCE CASE AND ORDER OF RS 5 LAKH COMPENSATION