अध्यापको ने रैली निकालकर दिखाया आक्रोश, कलेक्ट्रेट के सामने दिया धरना, हड़ताल के लिए अध्यापक नहीं शासन, प्रशासन दोषी-आशीष बिसेन

बालाघाट. पुरानी पेंशन सहित क्रमोन्नति, पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति, वरिष्ठता सूची सहित अन्य मांगो को लेकर हड़ताल पर बैठे अध्यापकों ने 11 वें दिन 24 सितंबर को रैली निकालकर अपना आक्रोश जाहिर किया.

आजाद अध्यापक संघ जिलाध्यक्ष आशीष बिसेन ने कहा कि हड़ताल के लिए अध्यापक साथी नहीं बल्कि शासन, प्रशासन जिम्मेदार है, यदि वह संघ प्रतिनिधिमंडल से चर्चा कर उनकी मांगो को सुन लेता है और उसके लिए सकारात्मक कदम उठाता है तो हम हड़ताल को खत्म करने तैयार है.

आजाद अध्यापक संघ के बैनर तले जिले के सभी ब्लॉकों में काम बंद हड़ताल पर बैठे अध्यापकों ने 24 सितंबर को जिलास्तरीय आक्रोश रैली निकाली. जिसमें पूरे जिले से बड़ी संख्या में अध्यापक साथी, मौजूद थे. बालाघाट धरना स्थल से प्रारंभ होकर यह रैली शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रशासनिक अधिकारी डिप्टी कलेक्टर राहुल नायक को आजाद अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 10 सूत्रीय मांगो का ज्ञापन सौंपा.

इस दौरान कुछ समय तक हड़ताली अध्यापक साथी, यही हड़ताल पर बैठे रहे. डिप्टी कलेक्टर राहुल नायक ने बताया कि आजाद अध्यापक संघ द्वारा पुरानी पेंशन, क्रमोन्नति, पदोन्नति, अनुकंपा नियुक्ति सहित अन्य मांगो का ज्ञापन सौंपा गया है. जिसे वह प्रशासन के माध्यम से शासन को प्रेषित कर देंगे. आजाद अध्यापक संघ जिलाध्यक्ष आशीष बिसेन ने कहा कि विगत काफी समय से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए आजाद अध्यापक संघ अवकाश दिनो में ज्ञापन के माध्यम से सरकार का मांगो को लेकर ध्यानाकर्षण करवा रहा था, लेकिन सरकार, अध्यापकों की मांगो को लेकर गंभीर नहीं है, वहीं गत दिनों भी अपनी मांगो को लेकर प्रांतीय स्तर पर चर्चा करने का प्रयास किया गया लेकिन सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया. जिससे मजबूरीवश हमें अनिश्चितकालीन हड़ताल करनी पड़ी. उन्होंने कहा कि हड़ताल के लिए अध्यापक साथी नहीं बल्कि शासन और प्रशासन दोषी है.


Web Title : TEACHERS TAKE OUT RALLY, STAGE DHARNA IN FRONT OF COLLECTORATE, NOT TEACHERS FOR STRIKE, ADMINISTRATION GUILTY ASHISH BISEN