मां त्रिपुर सुंदरी के दर पर हर भक्तों की होती है मुराद पूरी,कोविड के दृष्टिगत मंदिर में केवल 15 ज्योति कलश की स्थापना, पंचमी और अष्टमी को होगी महाआरती

बालाघाट. नगरीय क्षेत्र के जयस्तंभ चौक पर मां त्रिपुर सुंदरी का विशाल मंदिर है, जहां मां त्रिपुरी सुंदरी विराजमान है, हालांकि यह साफ-साफ नहीं है कि यहां, यह मंदिर कैसे बना, लेकिन मंदिर समिति के श्री नामदेव, अवधेश सोनी और श्री पांडे सहित मंदिर समिति की अटूट आस्था का केन्द्र यह मंदिर शनैः शनैः मां के आशीर्वाद से विस्तारित होता जा रहा है, यही नहीं बल्कि मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर को लेकर आस्थावान भक्तों का आस्था भी निरंतर बढ़ते जा रही है. प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र हो या शारदीय नवरात्र यहां कोविड कॉल से पहले भक्तों द्वारा रखे जाने वाले मनोकामना कलश की संख्या सैकड़ो में होती थी लेकिन बीते कोरोना कॉल और वर्तमान में प्रदेश सहित जिले में कोराना संक्रमण के प्रभाव को देखते हुए एक बार फिर मंदिर समिति ने जागरूकता का परिचय देते हुए परंपरानुसार नवरात्र पर्व पर मात्र 15 कलश ही स्थापित किये गये है, जिसमें भक्तों के 13 और मंदिर समिति की ओर से 2 ज्योति कलश रखे गये है. पूरे नवरात्र पर प्रतिदिन पांच पंडितो द्वारा यहां मां का पाठ किया जाता है.  

मां त्रिपुर सुंदरी की महिमा भी अपरंपार है, भक्तों की मानें तो मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर में साफ दिल से मां से जो भी मुराद मांगो, मां भक्तो की हर मुराद को पूरी करती है. कालांतर में यह मंदिर सीमित स्थान पर था, लेकिन जैसे-जैसे मां की महिमा बढ़ते गई और भक्तों की संख्या बढ़ती गई, मां के मंदिर का स्वरूप भी बढ़ता गया.  

बताया जाता है कि प्रतिवर्ष चैत्र और शारदीय नवरात्र का पर्व मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूरी आस्था, विश्वास के साथ मनाया जाता है, जिसमें मंदिर समिति के साथ ही मां पर आस्था रखने वाले भक्तों के सहयोग से नवरात्र पर मां की अखंड ज्योत के साथ ही ज्योति कलश की रोशनी, मां के मंदिर को रोशन करती है.  

मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर पुजारी विजय कुमार अवस्थी ने बताया कि बीते कोरोना कॉल की तरह इस वर्ष भी मंदिर में नवरात्र का पर्व शासन, प्रशासन के कोविड के दृष्टिगत जारी किये गये नियमों के तहत नवरात्र का पर्व मनाया जा रहा है, इस वर्ष मंदिर में केवल 15 ज्योति कलश की स्थापना की गई है. नवरात्र पर प्रतिदिन पांच पंडितो द्वारा यह मां का पाठ किया जाता है. नवरात्र पर मां के दर्शनार्थ, मंदिर आने वाले को भी कोविड नियमों का पालन करते हुए मां के दर्शन की अनुमति दी गई है. उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्र की पंचमी को 251 दीपो और अष्टमी को 351 दीपों से मां की महाआरती सायंकाल की जायेगी.  


Web Title : AT THE RATE OF MOTHER TRIPURA SUNDARI, EVERY DEVOTEE HAS MURAD PURI, IN VIEW OF KOVID, ONLY 15 JYOTI KALASH WILL BE INSTALLED IN THE TEMPLE, MAHAAARTI WILL BE HELD ON PANCHAMI AND ASHTAMI