होली पर बरसे प्रेम के रंग, पूरे जिले में उत्साह और उमंग से मनाया गया होली का पर्व

बालाघाट. भारतवर्ष त्यौहारों का देश है. हर एक त्यौहार का अपना एक सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व होता है. इन सारे त्यौहारों में होली ही एक त्यौहार है जो पौराणिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक के साथ-साथ आमोद-प्रमोद के लिये मनाया जाने वाला खुशियों का त्यौहार है. बुराई पर अच्छाई की विजय का, असत्य पर सत्य और शत्रुता पर मित्रता की स्थापना का यह पर्व विलक्षण एवं अद्भुत है. पुराने गिले-शिकवे भुला कर एक दूसरे के रंग में रंग जाने, हर्ष और उल्लास से एक दूसरे से मिलने और एक दूजे को आपसी सौहार्द एवं खुशियों के रंग लगाने के अनूठे दृश्य इस त्यौहार में मन को ही नहीं माहौल को भी खुशनुमा बनाते हैं. रंगों से ही नहीं, नृत्य गान, ढोलक-मंजीरा एवं अन्य संगीत वादक यंत्रों को बजा कर मनोरंजन करते हैं. पौराणिक मान्यताओं की रोशनी में होली के त्योहार का विराट समायोजन बदलते परिवेश में विविधताओं का संगम बन गया है. इस अवसर पर रंग, गुलाल डालकर अपने इष्ट मित्रों, प्रियजनों को रंगीन माहौल से सराबोर करने की परंपरा है, जो वर्षों से चली आ रही है. एक तरह से देखा जाए तो यह अवसर प्रसन्नता को मिल-बांटने का होता है.  

धार्मिक परंपराओं के अनुसार 7 मार्च को होलिकादहन से पांच दिवसीय पर्व की शुरूआत हो गई. निर्धारित समयावधि पर मुहुर्त पर होलिका दहन किया गया. जिसके दूसरे दिन 8 मार्च बुधवार को धुरेड़ी का पर्व मनाया गया. आपसी मतभेद भुलाकर प्रेम और भाईचारें के साथ लोगांे ने एकदूसरे को रंग, गुलाल लगाकर होली की बधाई दी.  

8 मार्च बुधवार को मुख्यालय सहित पूरे जिले में होली का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया. नगर के सभी वार्डो और प्रमुख स्थलों में पूरे परंपरानुसार होलिका दहन विधिविधान से परंपरानुसार किया गया. सुबह से ही लोगों ने होली पर जमकर रंग और गुलाल उड़ाया. रिश्तों में आई कटुता और अपने अहम को होलिका में दहन करने के बाद बुधवार की सुबह से ही लोग एक-दूसरे के साथ रंग-गुलाल खेलते नजर आये.   

वसंत ऋतु में मनाया जाने वाला पर्व होली का त्यौहार होलिका दहन के दिन से प्रारंभ हो गया जो आगामी होली पंचमी तक जारी रहेगा. हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाये जाने वाले इस पर्व का आनंद पूरे जिले में आपसी प्रेमभाव और भाईचारे के साथ मनाया गया और एकदूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली की बधाई दी. 7 मार्च मंगलवार को होलिका दहन के बाद दूसरे दिन बुधवार 8 मार्च को रंगो का पर्व धुरेड़ी मनाया गया. धुरेड़ी पर लोगों ने एकदूसरे पर रंग लगाकर एकदूसरे को होली की बधाई दी. नगर के अलग-अलग स्थानों में लोगों ने सामूहिक रूप से होली पर रंग गुलाल लगाकर रंगो का पर्व होली का त्यौहार मनाया और फाग गीतों पर जमकर जमकर नृत्य किया. धुरेड़ी पर शहर की सड़को में होली की चहल-पहल दिखाई दी और लोगो घरों से बाहर होली मनाने निकले. होली पर बुजुर्ग से लेकर बड़ों और बच्चों ने होली का भरपूर आनंद लिया.  

पुलिसवालों ने मनाई होली, डीजे पर जमके थिरके पुलिसकर्मी

बालाघाट नगर में धुरेड़ी के दूसरे दिन 9 मार्च को पुलिसकर्मियों ने होली का पर्व मनाया. नगर के कोतवाली थाना, यातायात थाना और पुलिस लाईन मंे होली पर पुलिसकर्मियों और परिवार के लोगों ने खुशी से होली का त्यौहार मनाया.  

धुरेड़ी पर जगह-जगह रही पुलिस व्यवस्था

होली के पर्व को देखते हुए धुरेड़ी पर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता बंदोबस्त किये गये थे. धुरेड़ी के दिन पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ के साथ पुलिस अमले ने पूरे शहर में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. बालाघाट मुख्यालय में होली पर्व को देखते हुए कोतवाली पुलिस शहरी, ग्रामीण क्षेत्र और यातायात की सुरक्षा के लिए लगभग 500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. फिक्स पाईंट के अलावा पूरे शहर के गश्त के लिए मोबाईल पार्टी के साथ 2 वज्र वाहन,  थाना प्रभारी और 2 ड्रोन कैमरे के साथ पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में लगी थी. जगह-जगह पुलिस के सुरक्षा जवान तैनात रहें. पूरे जिले में होली का पर्व शांतिपूर्ण रहा और कुछ घटनाओं को छोड़कर कोई बड़ी घटना नहीं हुई.


Web Title : HOLI CELEBRATED WITH FERVOUR AND GAIETY ACROSS DISTRICT