संदेहास्पद परिस्थिति में अचेत हालत में मिला तेंदुआ

बालाघाट/लामता. वनाच्छित जिले में वन्यप्राणियों की बाहुलता का सूचक यह है कि जिले में वनक्षेत्रो से लगे रहवासी क्षेत्रो और सड़को के पास वन्यप्राणियों की मौजूदगी का अहसास होते रहता है, यही नहीं बल्कि इसके शिकार की घटनाये भी होते रहती है. हालांकि राहत बात यह है कि विगत काफी समय से वन्यजीवों के शिकार के मामले सामने नहीं आ रहे है, लेकिन 22 जनवरी को संदेहास्पद परिस्थिति में डिपो में एक तेंदुआ अचेत हालत में देखा गया, जो उठ नहीं सकता था. हालांकि जानकारी मिलने के बाद वन अमले को दी गई. जिसके बाद तेंदुये के ईलाज के लिए कान्हा से टीम को बुलाया गया है.

मिली जानकारी अनुसार उत्तर उत्पादन वनमंडल के लामता औधोगिक बांसागार डिपो लामता में लगभग 4 बजे डिपो में कार्यरत सुरक्षा श्रमिको ने अचेत हालत में तेंदुआ को देखा. जिसके बाद इसकी सूचना वनरक्षक अहफाज अली द्वारा सहायक परिक्षेत्र अधिकारी आर. डी. पडवार को दी. जानकारी मिलने के बाद पहुंचे सहायक परिक्षेत्र अधिकारी पडवार ने देखा कि एक झाड़ के पास तेंदुआ अचेत हालत में पड़ा है. जिसकी सूचना उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को दी.  

हालांकि तेंदुआ यहां कैसे पहुंचा और कैसे अचेेत हो गया है, इसके बारे में अभी वन अधिकारी कुछ भी बता नहीं रहे है. बताया जाता है कि तेंदुआ, अचेत हालत पड़ा था और उसकी सांसे चल रही थी. पहली बार में देखने पर लगता था कि तेंदुआ आराम कर रहा है, लेकिन काफी देर बाद तक वह नहीं उठा तो उसे हिलाने का प्रयास किया गया लेकिन वह जब नहीं उठा तो इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई. फिलहाल मिली जानकारी अनुसार लामता बांसागार डिपो में अचेत हालत में मिले तेंदुये के उपचार के लिए कान्हा की टीम को बुलाया गया है. जिस टीम के तेंदुयें के उपचार के बाद ही पता चल पायेगा कि आखिर तेंदुआ, कैसे अचेत हो गया है.  

गौरतलब हो संरक्षित वन्यप्राणी तेंदुये की संख्या भी विगत कुछ समय से जिले के वनाच्छित क्षेत्र में खासी बढ़ी है, हालांकि यह जंगल और वन्यजीवी प्रेमियों के लिहाज से खुशी की बात है, उनकी सुरक्षा भी उतनी ही चिंतनीय है. हालांकि वन अमला, जिले के जंगलो में पाये जाने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है, बावजूद इसके शिकारी अपना काम कर जाते है. बहरहाल अचेत मिले तेंदुये को लेकर कोई पुष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आ सकी है कि तेंदुआ के अचेत होने की वास्तविकता क्या है? आशंका यह भी जाहिर की जा रही है कि तेंदुये के शिकार की मंशा से किसी ने तेंदुयें को कहीं ओर अचेत करने का प्रयास किया होगा, लेकिन उस स्थान में तेंदुआ अचेत न होकर धीरे-धीरे डिपो तक पहुंच गया और दवा के असर से वह यहां अचेत होकर गिर गया.  


Web Title : LEOPARD FOUND UNCONSCIOUS IN SUSPICIOUS CIRCUMSTANCES