पंवार क्षत्रिय संगठन की नवीन कार्यकारिणी का गठन अवैध, समाज के पूर्व पदाधिकारियों ने लगाया आरोप, विधिवत चुनाव कराये जाने की मांग

बालाघाट. विगत 11 सितंबर को पंवार क्षत्रिय संगठन के नवीन अध्यक्ष एवं महासचिव की नियुक्ति के बाद गठित गठन को पंवार समाज के पूर्व पदाधिकारियों लोचनसिंह देशमुख, सुरेन्द्र बोपचे, एफ. एल. बिसेन, बी. आर. भैरम, रामप्रसाद बिसेन, दीपचंद ठाकरे और डॉ. शेरसिंह बिसेन ने अवैध बताते हुए निर्वतमान अध्यक्ष खीरसागर पारधी पर पंजीकृत समिति के नियमानुसार चुनाव नहीं कराये जाने और विधिवत चुनाव कराये जाने की मांग की.  

पंवार क्षत्रिय संगठन के प्रथम पूर्व मुख्य सचिव लोचनसिंह देशमुख ने बताया कि पंवार बाहुल्य जिले में बुजुर्गो के सहयोग से 11 नवंबर 1990 को पंवार क्षत्रिय समाज का गठन किया गया था. जिसमें अब तक सात अध्यक्ष हो चुके है, जिनका कार्यकाल 3-3 साल का था, लेकिन सबसे लंबा कार्यकाल निर्वतमान अध्यक्ष खीरसागर पारधी का रहा. 1990 से 2022 तक वे अध्यक्ष रहे. इस दौरान कई बार रजिस्टर्ड डाक से हमने चुनाव कराये जाने के लिए पत्र प्रेषित किये और अखिल भारतीय पंवार महासभा के अध्यक्ष से भी कहा लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया. जिसके बाद समाज और संगठन के हित में विधिवत चुनाव कराये जाने का हमारा प्रयास था लेकिन निवर्तमान अध्यक्ष ने पार्टी विशेष के अपने लोगो को बैठक में अध्यक्ष और महासचिव बनाने की घोषणा कर दी. जो विधिवत नहीं होने से अवैध है. इसलिए हमने आने वाली पीढ़ी के लिए अपनी आवाज को बुलंद किया है.  

तृतीय पूर्व मुख्य सचिव एफ. एल. बिसेन की मानें तो 24 और 4 सितंबर की बैठक में तय किया गया था कि आगामी बैठक में चर्चा कर विधिवत चुनाव के लिए 11 सितंबर को बैठक में चर्चा की जायेगी और जल्द ही चुनाव कराये जायेंगे. लेकिन निर्वतमान अध्यक्ष द्वारा अपने दल-बल के साथ अध्यक्ष और महासचिव की घोषणा कर दी गई. जबकि यह चुनाव के लिए बुलाई गई बैठक नहीं थी, यह केवल चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक थी. वही पंजीकृत समिति होने के नाते संगठन के किसी भी निर्वाचन में चुनाव अधिकारी बनाया जाता है, जो नहीं बनाया गया. जिससे यह गठन ही अवैध है. वहीं इतने साल के कार्यकाल में निवर्तमान अध्यक्ष ने कभी कोई बैठक नहीं बुलाई और ना ही नियमानुसार पंजीयन कार्यालय को इसकी जानकारी दी. वहीं समाज का पंजीयन भी मृत हो गया है.  

क्षत्रिय पंवार संगठन के चतुर्थ सचिव बी. आर. भैरम ने बताया कि समाज को अंधेरे में रखकर संगठन के नवीन गठन को सर्वसम्मति से बताया जा रहा है, जो व्यथित करने वाला है. उन्होंने कहा कि संगठन का नाम क्षत्रिय पंवार संगठन है लेकिन निवर्तमान और उनक कर्ता-धर्ताओं ने जिला क्षत्रिय पंवार महासभा के नाम से इसे प्रचारित किया. यही नहीं बल्कि जब समाज के वरिष्ठ के अध्यक्षता में चुनाव करने समिति गठित की गई तो निवर्तमान अध्यक्ष ने आनन-फानन में बैठक में अध्यक्ष और महासचिव की घोषणा कर दी. जो नियम विरूद्ध है और हम इसका विरोध करते है. पुनः समाज का गठन विधिवत और नियमानुसार किया जायें.


Web Title : FORMATION OF NEW EXECUTIVE COMMITTEE OF PANWAR KSHATRIYA SANGATHAN ILLEGAL, FORMER OFFICE BEARERS OF THE SOCIETY ALLEGE, DEMAND DULY HELD ELECTIONS