पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त मोर्चा में पड़ी फूट!,पंचायत समन्वयक अधिकारी, कर्मचारी हड़ताल से हटे, नैतिक समर्थन का दावा

बालाघाट. विगत 22 जुलाई से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों के नवगठित प्रदेश संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर जिला इकाई के नेतृत्व में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यो से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मचारी की 22 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार छटवें दिन 27 जुलाई को जारी रही. बारिश के बावजूद संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हड़ताली संगठन से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी हड़ताल में डटे रहे. हालांकि जैसे-जैसे संयुक्त मोर्चा का आंदोलन आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे संगठन की एकजुटता में फूट भी दिखाई दे रही है. गत दिवस ही संयुक्त मोर्चा की हड़ताल में शामिल मध्यप्रदेश पंचायत समन्वयक अधिकारी, कर्मचारी संगठन, हड़ताल से वापस अपने काम पर लौट गया है. जिससे पूरे प्रदेश सहित जिले में पंचायत समन्वयक अधिकारी, कर्मचारी अपने काम पर लौट गये है. हालांकि नैतिक समर्थन का दावा किया जा रहा है लेकिन यह साफ है कि हड़ताल को लेकर अलर्ट सरकार अब संगठनों के माध्यम से संयुक्त मोर्चा को कमजोर करने में लगा है, जिसकी बानगी पंचायत समन्वयक संगठन के रूप में दिखाई दे रही है.

मध्यप्रदेश पंचायत समन्वयक अधिकारी, कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष दिलीप शांडिल्य ने बताया कि संगठन के प्रांतीय प्रतिनिधियों से पंचायत कर्मी की चर्चा के बाद मांगो पर मिले आश्वासन के बाद संयुक्त मोर्चा की हड़ताल से संगठन का हटने का निर्णय लिया है. जिससे जिले में कार्यालयो में पदस्थ पंचायत समन्वयक अधिकारी, कर्मचारी के लगभग 67 से 70 साथी सोमवार से अपने काम पर लौट गये है. हालांकि संयुक्त मोर्चा को हमारा नैतिक समर्थन है.  

गौरतलब हो कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारियों के अलग-अलग संगठन अब तक अपनी लड़ाई अलग-अलग लड़ रहे थे, लेकिन प्रदेश सरकार पर संयुक्त रूप से दबाव बनाने की मंशा से संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया था. जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यो मंे संलग्न अधिकारी, कर्मचारियों के संगठनों का संयुक्त मोर्चा गठित कर उसके बैनर तले अधिकारी, कर्मचारी आंदोलन कर रहे थे. विगत 22 जुलाई से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में कार्यरत कर्मियों के सभी संगठन संयुक्त मोर्चा के आव्हान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गये है. जिससे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से संचालित योजनायें और विकास कार्यो पर ब्रेक लग गया है. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों की हड़ताल को एक सप्ताह बीतते आ रहा है लेकिन सरकार की ओर से हड़ताली कर्मियों की मांगो को लेकर सरकार की कोई पहल नजर नहीं है, वहीं दूसरी ओर संयुक्त मोर्चा का कहना है कि जब तक सरकार हमारी मांगो पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं करती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

इस हड़ताल मंे जनपद सीईओ को छोड़कर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का पूरा अमला, सचिव, रोजगार सहायक, उपयंत्री जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत का अमला, ग्रामीण विकास अधिकारी सहित आरईएस के सभी इंजीनियर्स हड़ताल पर चले जायेंगे. जिससे ग्रामीण विकास विभाग के तहत होने वाले प्रधानमंत्री आवास निर्माण, मनरेगा, एमडीएम, 14 वंे वित्त आयोग के साथ ही विकास कार्यो पर सीधा असर पड़ा है और यह योजनायें और विकास कार्य ठप्प हो गये है.  


Web Title : PANCHAYAT AND RURAL DEVELOPMENT DEPARTMENT OFFICIALS, EMPLOYEES SPLIT IN UNITED FRONT!, PANCHAYAT COORDINATOR OFFICERS, EMPLOYEES WITHDRAW FROM STRIKE, CLAIM MORAL SUPPORT